Hazaribagh: सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न बिजली कंपनी एनटीपीसी की प्रमुख कोयला खनन परियोजना पकरी बरवाडीह ने सफलता का नया इतिहास रच दिया है। परियोजना ने 100 मिलियन मीट्रिक टन कोयला उत्पादन का विशाल आंकड़ा पार कर लिया है। इस शानदार उपलब्धि के साथ ही पकरी बरवाडीह अब देश की सबसे महत्वपूर्ण और अग्रणी कोयला खदानों की सूची में मजबूती से शामिल हो गई है।
सफलता का सफर: 2017 से अब तक
पकरी बरवाडीह परियोजना से कोयला उत्पादन की शुरुआत जनवरी 2017 में हुई थी। इसके महज एक महीने बाद फरवरी 2017 में कोयले का पहला रेल रैक रवाना किया गया था। परियोजना की बढ़ती क्षमता को देखते हुए अप्रैल 2019 में इसे आधिकारिक तौर पर वाणिज्यिक घोषित किया गया। तब से लेकर अब तक परियोजना ने उत्पादन के क्षेत्र में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार नए मानक स्थापित किए हैं।
आधुनिक तकनीक और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का कमाल
इस बड़ी उपलब्धि के पीछे आधुनिक तकनीक और सुदृढ़ बुनियादी ढांचे का विशेष योगदान रहा है। वर्ष 2022 में कोल हैंडलिंग प्लांट के स्ट्रीम ए और बी की सफल शुरुआत ने उत्पादन की गति को दोगुना कर दिया। अत्याधुनिक मशीनों के उपयोग से न केवल उत्पादन बढ़ा है, बल्कि परिचालन लागत में भी कमी आई है।
एशिया की सबसे लंबी कन्वेयर प्रणाली है इसकी ताकत
पकरी बरवाडीह परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी उन्नत कन्वेयर प्रणाली है। यह परियोजना एशिया की सबसे लंबी बंद कोयला कन्वेयर बेल्ट प्रणाली से लैस है। यह अत्याधुनिक तकनीक खदान को सीधे बनादाग रेलवे साइडिंग से जोड़ती है। इस प्रणाली की मदद से कोयले का परिवहन निर्बाध रूप से होता है। साथ ही, बंद कन्वेयर होने के कारण कोयले की धूल नहीं उड़ती, जिससे पर्यावरण प्रदूषण पर भी प्रभावी नियंत्रण रहता है।
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर कदम
एनटीपीसी की इस उपलब्धि से देश के ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। पकरी बरवाडीह से होने वाला यह रिकॉर्ड उत्पादन बिजली संयंत्रों को कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगा, जो अंततः देश की प्रगति और बिजली सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
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