Ranchi : एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किए गए केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी), हजारीबाग के प्रबंधक रविरंजन कुमार की तीन दिनों की सीबीआई रिमांड पूरी हो गई है। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद सीबीआई ने उन्हें विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
रिश्वत लेते रंगे हाथों हुई थी गिरफ्तारी
मालूम हो कि बीते 24 अप्रैल को सीबीआई की टीम ने हजारीबाग में जाल बिछाया था। इस कार्रवाई के दौरान प्रबंधक रविरंजन कुमार को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा गया था। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने अदालत से पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की थी, जिसके बाद उन्हें तीन दिनों के लिए सीबीआई की हिरासत में भेजा गया था।
भ्रष्टाचार की शिकायत पर कार्रवाई
हजारीबाग स्थित केंद्रीय भंडारण निगम में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार की लगातार शिकायतें सीबीआई को मिल रही थीं। इन सूचनाओं के सत्यापन के बाद सीबीआई ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की और प्रबंधक को घूस की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया। रिमांड के दौरान सीबीआई ने भ्रष्टाचार के इस खेल से जुड़े कई पहलुओं पर आरोपी से पूछताछ की है।
छापेमारी में मिला 21 लाख कैश और संपत्ति के कागजात
प्रबंधक रविरंजन कुमार की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की जांच का दायरा और बढ़ गया। टीम ने बिहार के औरंगाबाद जिला स्थित उनके पैतृक आवास पर भी छापेमारी की थी। इस तलाशी के दौरान आरोपी के घर से 21 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में जमीन और अन्य संपत्तियों के निवेश से जुड़े दस्तावेज भी सीबीआई के हाथ लगे हैं, जिनकी जांच जारी है।
Also Read : अंधविश्वास के खिलाफ सिमडेगा में जनक्रांति, सिविल कोर्ट से निकली विशाल जागरूकता रैली


