Ranchi : JPSC यानी झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) 2026 रविवार को पूरे राज्य में शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न हो गई। परीक्षा को लेकर प्रशासन ने पहले से ही कड़ी तैयारी कर रखी थी, जिसका असर पूरे दिन साफ दिखाई दिया। राज्य के रांची, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग और देवघर समेत कुल 6 जिलों में परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा में करीब 1.75 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा के लिए कुल 434 केंद्र बनाए गए थे। इनमें रांची में 117, जमशेदपुर में 93, धनबाद में 70 और हजारीबाग में 67 परीक्षा केंद्र शामिल रहे।
सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चली परीक्षा
परीक्षा एक ही पाली में आयोजित की गई। अभ्यर्थियों को सुबह से ही केंद्रों पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। परीक्षा सुबह 10 बजे शुरू हुई और दोपहर 1 बजे तक चली। समय पर प्रवेश और सख्त जांच प्रक्रिया के कारण अधिकांश केंद्रों पर अभ्यर्थी सुबह से ही कतार में नजर आए। प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि देर से पहुंचने वालों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
हर केंद्र पर पुलिस और दंडाधिकारी की तैनाती
परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से काम किया। सभी केंद्रों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। संवेदनशील केंद्रों की अलग से पहचान की गई थी। वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाए गए। उड़नदस्ता टीमों को भी लगातार सक्रिय रखा गया ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके।
200 मीटर के दायरे में लागू रही निषेधाज्ञा
विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जिलों में परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की गई थी। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ जमा होने, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल, हथियार लेकर चलने और किसी भी तरह की सभा या प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक रही। इसका असर यह हुआ कि परीक्षा केंद्रों के आसपास पूरे दिन शांत और नियंत्रित माहौल बना रहा।
IRIS अटेंडेंस सिस्टम से हुई पहचान
इस बार परीक्षा में तकनीक का भी खास इस्तेमाल किया गया। अभ्यर्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए IRIS अटेंडेंस सिस्टम लागू किया गया। इसके अलावा कई परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। कुछ स्थानों पर लाइव मॉनिटरिंग की भी व्यवस्था रही। प्रवेश के दौरान मोबाइल, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू रहा।
अधिकारियों ने लगातार किया निरीक्षण
रांची सहित अन्य जिलों में उपायुक्तों के नेतृत्व में परीक्षा संचालन की लगातार निगरानी की गई। अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने कई केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जहां भी जरूरत महसूस हुई, वहां तुरंत निर्देश देकर व्यवस्था दुरुस्त कराई गई। प्रशासनिक सतर्कता की वजह से परीक्षा प्रक्रिया बिना किसी बड़े व्यवधान के पूरी हुई।
अभ्यर्थियों ने कहा, बेहतर रही व्यवस्था
परीक्षा देने पहुंचे कई अभ्यर्थियों ने प्रशासन की व्यवस्था को संतोषजनक बताया। उनका कहना था कि समय पर प्रवेश, साफ निर्देश और सख्त लेकिन सहयोगपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था के कारण परीक्षा देने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। कई छात्रों ने कहा कि इस बार केंद्रों पर अनुशासन अच्छा था, जिससे बिना तनाव के परीक्षा देने का मौका मिला।
सेंटर आवंटन को लेकर कुछ अभ्यर्थियों की नाराजगी
हालांकि परीक्षा शांतिपूर्ण रही, लेकिन कुछ अभ्यर्थियों ने सेंटर आवंटन को लेकर नाराजगी भी जताई। उनका कहना था कि पर्याप्त संख्या में परीक्षा केंद्र होने के बावजूद उन्हें दूसरे जिलों के दूरदराज इलाकों में केंद्र दिया गया। इससे लंबी दूरी तय करनी पड़ी और समय के साथ-साथ खर्च भी बढ़ा। कई परीक्षार्थियों ने मांग की कि भविष्य में सेंटर आवंटन की प्रक्रिया को और संतुलित बनाया जाए ताकि अभ्यर्थियों को अनावश्यक परेशानी न हो।
आगे भी जारी रहेगा सख्त और पारदर्शी सिस्टम
प्रशासन ने साफ कहा है कि आने वाले समय में भी प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचार मुक्त तरीके से आयोजित करने के लिए इसी तरह की सख्त व्यवस्था जारी रहेगी। तकनीक आधारित निगरानी, सख्त सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय को आगे भी और मजबूत किया जाएगा, ताकि परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे।
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