Joharlive Team
रांची। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल ने राज्य में कृषि विकास की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा है कि राज्य में फ्लोरी कल्चर से जुड़ी आधारभूत संरचना के विकास के लिये सरकार प्रतिबद्ध है और इस दिशा में काम तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने रांची प्रमंडल के किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अगला दशक किसानों का है और सरकार का फोकस कृषि उत्पादकता पर है, इसलिये कृषकों को परंपरागत तौर तरीकों के साथ-साथ तकनीकी स्तर पर भी दक्षता हासिल करनी होगी ताकि किसानों की आय ज्यादा से ज्यादा हो सके। वह आज मोरहाबादी के रामकृष्ण मिशन ऑडिटोरियम में राज्य उद्यान निदेशालय की ओर से आयोजित’’झारखंड में फूलों की व्यावसायिक खेती-वर्तमान परिदृष्य एवं संभावनाएं’’ विषय पर एकदिवसीय सेमिनार में रांची प्रमंडल के किसानों को संबोधित कर रहे थे।
श्री बादल ने कहा कि कोविड संक्रमण के दौरान जब पूरे विष्व की अर्थव्यवस्था डांवाडोल हो रही थी, जब सारे औद्योगिक धंधे बंद हो चुके थे उस दौर में कृषकों ने देश और राज्य को आत्मनिर्भरता की संजीवनी प्रदान की और राज्य के किसानों ने प्रवासी मजदूरों का स्वागत निःशुल्क गुलाब देकर किया। उन्होंने कहा कि बागवानी संस्कृति को बढ़ावा देना सरकार का प्राथमिक लक्ष्यों में से एक है और सरकार जो कृषि नीति तैयार कर रही है, उसका प्रारूप किसानों की जरूरतों के हिसाब से तैयार कराया जा रहा है। साथ ही किसानों के सुझाव के अनुसार सरकार नीतियों में शिथिलता लायेगी।
कृषि मंत्री बादल ने सेमिनार में कृषि दर्पण का लोकार्पण करते हुए कहा कि कृषि दर्पण के माध्यम से लाखों किसान लाभान्वित होंगे । इसके माध्यम से किसानों को मौसम के साथ साथ कृषि की नई तकनीकियों की भी जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि आगामी 4 सालों में राज्य के 24 लाख किसानों का लखपति बनाने का लक्ष्य है। किसानों को कृषि से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं का विकसित स्वरूप प्रदान करना है ताकि वह आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो सकें। श्री बादल ने कहा कि किसानों की आर्थिक सशक्ति के लिये श्रम के साथ साथ आधुनिक तकनीक से भी जुड़ना होगा और गांव और राज्य के साथ-साथ सोसाईटी के प्रति संवेदनशीलता भी रखने की जरूरत है। उन्होंने कृषि ऋण माफी योजना को लेकर कहा कि किसानों के कर्ज माफी की प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है और अगले पचास दिनों में 9 लाख से ज्यादा किसानों के कर्ज माफ करने के लिये 2 हजार करोड़ रूपये निर्गत किये जायेंगे।
सेमिनार में विभागीय सचिव अबू बकर सिद्दिकी ने कहा कि फ्लोरीकल्चर को प्राईम लाईन में लाने के लिये विभाग प्रयासरत है तथा मल्टी क्रॉपिंग मोड में काम करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फ्लोरी कल्चर को कॉमर्शियल अंदाज में स्वीकार करें और उसी के अनुरूप कार्ययोजना बनायें। विभिन्न योजनाओं के तहत बीज वितरण, सिंचाई व्यवस्था, बैंक ऋण, उपकरण आदि की सुविधा सरकार उपलब्ध करायेगी। श्री सिद्दिकी ने कहा कि प्रोडक्टीविटी पर फोकस करना होगा और प्रयास करना होगा कि क्वालिटी प्रोडक्ट दें ताकि प्रतिस्प्रधात्मक बाजार में खुद को स्थापित किया जा सके।
सेमिनार में बागवानी के क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिये वैज्ञानिक और कृषकों को भी सम्मानित किया गया।
सेमिनार में मुख्य रूप से रामकृष्ण मिशन आश्रम के संचालक स्वामी भविष्यानंद जी महाराज, राज्य उद्यान निदेशक वरुण रंजन, जिला उद्यान पदाधिकारी के साथ बड़ी संख्या में रांची प्रमंडल के किसान उपस्थित थे।
किसानों के हितों का पूरा खयाल रख रही सरकार, चार साल में किसानों को बागवानी से जोड़ने का लक्ष्य : बादल
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