Jamshedpur : जिले के बहरागोड़ा इलाके में स्वर्णरेखा नदी से मिला द्वितीय विश्व युद्ध के समय का एक शक्तिशाली सिलेंडरनुमा बम आज (बुधवार) सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जाएगा। इसको लेकर प्रशासन और सेना पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। भारतीय सेना की विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंच चुकी है और सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।
चारों तरफ कड़ी सुरक्षा, लोगों को दूर रहने की सलाह
बम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी है। जिस जगह बम को निष्क्रिय किया जाना है, वहां सेना और पुलिस ने घेराबंदी कर दी है। आसपास के गांवों में भी मुनादी करवा दी गई है कि लोग उस इलाके के पास न जाएं। साफ तौर पर कहा गया है कि सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
कैसे सामने आया ये बम
दरअसल, हाल ही में स्वर्णरेखा नदी में पानी का स्तर कम हुआ था और कुछ जगहों पर खनन भी चल रहा था। इसी दौरान ग्रामीणों की नजर इस बड़े सिलेंडर जैसे ऑब्जेक्ट पर पड़ी। पहले तो लोगों को समझ नहीं आया, लेकिन शक होने पर तुरंत पुलिस को खबर दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इसे कब्जे में लिया और जांच के लिए विशेषज्ञों को बुलाया।
80 साल पुराना, लेकिन अब भी खतरनाक
जांच में पता चला कि यह बम द्वितीय विश्व युद्ध के समय का है, जो कई दशकों से नदी की तलहटी में दबा हुआ था। भले ही यह बहुत पुराना हो चुका है, लेकिन इसके अंदर मौजूद विस्फोटक आज भी काफी खतरनाक हो सकते हैं। इसी वजह से इसे बेहद सावधानी से हैंडल किया जा रहा है।
सेना का बम निरोधक दस्ता संभालेगा मोर्चा
इस तरह के बम को निष्क्रिय करना आम पुलिस के बस की बात नहीं होती। इसलिए भारतीय सेना के बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है। सेना के इंजीनियर और विशेषज्ञ पहले ही बम की बनावट और उसकी क्षमता का आकलन कर चुके हैं। अब पूरी प्लानिंग के साथ इसे सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जाएगा।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें। थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है, इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
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