- झारखंड के सभी थानों में लगाया जाना है सीसीटीवी कैमरा
- पहले 2 बार हो चुका है टेंडर कैंसिल, तीसरी बार फिर टेंडर मे कई शिकायतें
- देश की कई टॉप कम्पनियों को दरकिनार कर एकमात्र कंपनी को लाभ पहुंचाने की साजिश
ABHISHEK, Ranchi
एक तरफ राज्य ट्रेजरी घोटाला, टेंडर घोटाला और ना जाने किन-किन घोटालों से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ राज्य के कुछ पदाधिकारी अभी भी झारखंड को लूटने की साजिश रचने में लगे हुए हैं। राज्य के सीएम हेमंत जहां झारखंड को देश के नक्शे पर स्वर्णिम अक्षरों से लिखने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वहीं इन पदाधिकारियों के कारण सीएम साहब की सारी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। एक बार फिर इन्हीं पदाधिकारियों ने झारखंड को लूटने की तमाम तैयारियां कर ली हैं।
क्या है मामला
सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल लीव पिटिशन नम्बर 3543/2020 पर सुनवाई की और कोर्ट के आदेशानुसार झारखंड के सभी थानों में भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाया जाना है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा करीब 100 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। लेकिन इस कार्य के लिए दो बार टेंडर निकाले गए और खामियों के कारण दोनों बार टेंडर कैंसिल किया गया। एक बार फिर जेम पोर्टल पर करीब 115 करोड़ का टेंडर निकाला गया है, लेकिन तकनीकी विशेषज्ञ बताते हैं कि जानबूझकर टेंडर में ऐसे नियम व शर्तें डाली गई हैं, जिससे देश की टॉप 4 कंपनियां भी टेंडर में शामिल नहीं हो पाएंगी। पूरे देश में केवल एक ही कंपनी है जो यह टेंडर हासिल कर पाएगी। लेकिन उस खास कंपनी को काम देने के चक्कर में क्यों पड़े हैं जैप आईटी के पदाधिकारी। यह रिश्ता क्या कहलाता है।
सवालों के घेरे में जैप आईटी
115 करोड़ के इस काम के टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन प्रक्रिया शुरू होते ही जैप आईटी विभाग सवालों के घेरे में आ गया है। सबसे पहले जैप आईटी ने यह टेंडर झारखंड ई-प्राक्योरमेंट पर अपडेट किया, जबकि इसे जेम पोर्टल पर डाला जाना चाहिए था। काफी विवादों के बाद यह टेंडर जेम पोर्टल पर अपडेट किया गया। लेकिन जेम पोर्टल पर जब टेंडर की शर्तें सार्वजनिक हुईं, तब खुलासा हुआ कि कैसे मुंबई की एक खास कंपनी को लाभ पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
झारखंड के थानों में लगेंगे 10 हजार कैमरे
आंकड़ों की मानें तो झारखंड के विभिन्न जिलों के थानों में करीब 10 हजार सीसीटीवी कैमरे व अन्य उपकरण लगाए जाएंगे। इसमें डोम कैमरा (2MP) लगभग 4916 और बुलेट कैमरा करीब 3967 लगाए जाने हैं। इनके इंस्टालेशन और रख-रखाव समेत अन्य खर्चों को मिलाकर करीब 115 करोड़ की राशि खर्च की जानी है।
शराब घोटाले से भी बड़ा घोटाला संभव : बाबूलाल मरांडी
इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर टेंडर में अनियमितता और कमीशनखोरी का आरोप लगाया है। बाबूलाल मरांडी के लिखे पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि सचिव Pooja Singhal के मौखिक आदेश पर जैप आईटी के सीओ सुनील कुमार मनमानी कर रहे हैं। इन्हें समय रहते नहीं रोका गया और सख्त नियमों के साथ टेंडर प्रक्रिया की निगरानी नहीं की गई तो राज्य में शराब घोटाले से भी बड़ा कांड हो सकता है।
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