Ranchi : झारखंड में लंबे समय से लंबित लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर सरकार ने अहम जानकारी दी है। राज्य सरकार ने झारखंड उच्च न्यायालय को बताया कि एक सप्ताह के भीतर लोकायुक्त की अनुशंसा राज्यपाल को भेज दी जाएगी। यह जानकारी मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान दी गई।
सूचना आयुक्तों की नियुक्ति पर भी स्थिति साफ
सुनवाई के दौरान सरकार ने यह भी बताया कि मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के कुछ नाम पहले ही राज्यपाल को भेजे जा चुके हैं। हालांकि इन नामों पर आपत्तियां आई हैं, जिन पर सरकार पुनर्विचार कर रही है।
23 अप्रैल को अगली सुनवाई
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को तय की है। अधिवक्ता धीरज कुमार के मुताबिक, पहले 1 अप्रैल को हुई सुनवाई में सरकार ने बताया था कि 25 मार्च को नियुक्ति समिति की बैठक हो चुकी है और प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
कई संवैधानिक पद सालों से खाली
दरअसल, झारखंड में लोकायुक्त, मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष, राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और अन्य पद पिछले 3 से 5 साल से खाली पड़े हैं। इसी को लेकर जनहित याचिका और अवमानना याचिका दायर की गई थी, जिस पर कोर्ट सुनवाई कर रहा है।
कामकाज पर पड़ रहा असर
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण पद खाली रहने से संस्थाओं के कामकाज पर सीधा असर पड़ रहा है। इस पर सरकार ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सभी नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा।
जल्द हो सकता है बड़ा फैसला
अब सरकार के इस आश्वासन के बाद उम्मीद है कि लोकायुक्त की नियुक्ति का लंबा इंतजार जल्द खत्म हो सकता है।
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