Koderma : जिले के कोडरमा थाना क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक इंसानों को निशाना बना रहे हाथियों ने अब मवेशियों पर भी हमला शुरू कर दिया है। ताजा घटनाओं के बाद पूरे इलाके में डर और बेचैनी का माहौल बन गया है।
मवेशियों को कुचलकर मार डाला
बीती रात झरीटांड और ढेबुआडीह गांव में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। जानकारी के मुताबिक, झरीटांड गांव के बाहर सड़क किनारे बंधे दो मवेशियों को हाथी ने कुचलकर मार डाला। इतना ही नहीं, गांव में बने गौशालाओं को भी तोड़फोड़ कर तहस-नहस कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी देर रात गांव में घुसा और जहां-जहां मवेशी दिखे, वहां नुकसान पहुंचाया।
घर से निकलने में डर रहे लोग
लगातार हो रहे हमलों के बाद गांवों में दहशत साफ दिख रही है। लोग शाम होते ही घरों में दुबक जा रहे हैं और रात में बाहर निकलने से बच रहे हैं। बताया जा रहा है कि हाथी गांव के पास जंगलों में ही छिपे हुए हैं, जिससे खतरा लगातार बना हुआ है।
पहले इंसानों को बना चुके हैं शिकार
कोडरमा शहरी क्षेत्र के मरियमपुर और बोनाकाली इलाके में भी हालात तनावपूर्ण हैं। कुछ दिन पहले ही हाथी के हमले में एक महिला और 40 वर्षीय बालेश्वर सोरेन की मौत हो चुकी है। इस घटना के बाद से इलाके के लोग और ज्यादा सहमे हुए हैं।
वन विभाग की कोशिशें नाकाम
स्थानीय लोगों के अनुसार, एक हाथी झुंड से अलग होकर इधर-उधर भटक रहा है और वही सबसे ज्यादा नुकसान कर रहा है। वहीं बाकी हाथियों का झुंड बागीटांड और कोडरमा घाटी के जंगलों में देखा गया है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण हाथियों को खदेड़ने में अब तक सफलता नहीं मिल सकी है।
ग्रामीणों में गुस्सा और डर दोनों
लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में आक्रोश भी बढ़ रहा है। लोगों का आरोप है कि वन विभाग समय पर कार्रवाई नहीं कर रहा, जिससे जान-माल का नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों को डर है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हाथियों का यह आतंक और बढ़ सकता है। फिलहाल पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग हर पल खतरे के साये में जीने को मजबूर हैं।
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