Garhwa: झारखंड के गढ़वा जिले में आंगनबाड़ी और दाल-भात केंद्र के निरीक्षण के दौरान उस समय राजनीतिक माहौल गर्म हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के नेता आमने-सामने आ गए। निरीक्षण के दौरान दोनों दलों के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई और एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई। वहां मौजूद लोग इस पूरे घटनाक्रम को देखते रहे।
निरीक्षण के दौरान कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने एक-दूसरे की कार्यशैली पर सवाल उठाए। बहस इतनी बढ़ गई कि भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए उन्हें “छुटभैया नेता” तक कह दिया। वहीं कांग्रेस नेताओं ने भाजपा को वेंडर और योजनाओं में गड़बड़ी के मुद्दे पर घेरते हुए पलटवार किया। दोनों ओर से आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चलता रहा।
इससे पहले भी महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रमा खलखो गढ़वा दौरे पर आई थीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि जिले में कई जगह आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहने के बावजूद सरकारी राशि की अवैध निकासी की जा रही है। इसी आरोप को लेकर पहले से ही राजनीतिक बयानबाजी तेज थी।
दरअसल, रंका प्रखंड कार्यालय स्थित दाल-भात केंद्र के बंद रहने की शिकायत गढ़वा के उपायुक्त को मिली थी। शिकायत में कहा गया था कि केंद्र बंद होने के बावजूद वहां से राशि की निकासी की जा रही है। शिकायत के बाद उपायुक्त दिनेश यादव रंका प्रखंड पहुंचे और दाल-भात केंद्र सहित अन्य योजनाओं का निरीक्षण किया।
इस मामले पर उपायुक्त दिनेश यादव ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पहले ही अनुमंडल पदाधिकारी से जांच कराई गई थी, जिसमें कुछ अनियमितताएं सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान केंद्र खुला पाया गया है, लेकिन पूरे मामले की दोबारा जांच के निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


