Dhanbad : उद्योगपति गौतम अदाणी मंगलवार को IIT-ISM धनबाद के शताब्दी वर्ष समारोह में भाग लेंगे। वे दुर्गापुर एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर द्वारा बरवाड़ा एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से सीधे आईआईटी-आईएसएम परिसर जाएंगे। अदाणी दोपहर 2 बजे तक विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और मुख्य समारोह में ‘फाउंडेशन डे ऐड्रेस’ देंगे।
संस्थान के कैंपस को इस विशेष अवसर के लिए पूरी तरह सजाया गया है, जिसमें लाइटिंग, फ्लैक्स और होर्डिंग लगाई गई हैं। शताब्दी समारोह में अदाणी के साथ कई अन्य गणमान्य अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। इस दौरान संस्थान की 100 साल की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया जाएगा और शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी विकास को नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की उम्मीद है।
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की स्थापना 9 दिसंबर 1926 को हुई थी। इसका उद्घाटन तत्कालीन वायसराय लॉर्ड इरविन ने किया था। संस्थान की शुरुआत खनन और भू-विज्ञान में विशेषज्ञ तैयार करने के लिए हुई थी, लेकिन अब यह खनिज, ऊर्जा, कंप्यूटर साइंस, सिविल, मैकेनिकल और आधुनिक इंजीनियरिंग के कई क्षेत्रों में शिक्षा और शोध प्रदान करता है। 2016 में इसे आधिकारिक तौर पर आईआईटी का दर्जा मिला।
संस्थान ने खनिज अन्वेषण, क्लीन कोल तकनीक, खनन सुरक्षा, ऊर्जा संक्रमण और डिजिटल माइनिंग जैसी परियोजनाओं में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके पूर्व छात्र आज दुनिया की प्रमुख कंपनियों, ऊर्जा संस्थानों और टेक्नोलॉजी फर्मों में नेतृत्व की भूमिकाएं निभा रहे हैं। शताब्दी वर्ष के मौके पर शुरू की गई ‘मिशन 2026’ पहल का उद्देश्य आईआईटी-ISM को ग्लोबल टेक और ऊर्जा हब के रूप में स्थापित करना है।


