Ranchi : इस साल झारखंड में धान बेचने वाले किसानों को तीन दिन के भीतर पूरी राशि मिल जाएगी। साथ ही पहली बार धान खरीद के लिए 4G आधारित पॉस मशीन का इस्तेमाल होगा। पिछले साल 15 दिसंबर से धान खरीद शुरू हुई थी। इस साल 1 दिसंबर से खरीद शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन 2G पॉस मशीन को 4G में कन्वर्ट नहीं किए जाने के कारण तारीख टल गई। उम्मीद है कि नई 4G पॉस मशीन मिलने के बाद एक सप्ताह के भीतर राज्य के सभी लैम्पस पर धान की खरीद शुरू हो जाएगी।
एमपीसीएस के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी नीरज कुमार के अनुसार पुरानी 2G पॉस मशीन की रफ्तार बहुत धीमी थी और इससे किसान का आधार व अंगूठे का डाटा लेने में समय लगता था। विभाग ने 1 दिसंबर को पुरानी मशीन जमा कर दी है।
प्रति क्विंटल धान की कीमत
पिछले साल केंद्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,369 रुपये प्रति क्विंटल रखा था। 100 रुपये बोनस जोड़ने पर किसानों को 2,469 रुपये प्रति क्विंटल मिलने थे। ग्रेड-ए धान पर 2,489 रुपये प्रति क्विंटल मिले थे। इस साल भी प्रति क्विंटल 2,469 रुपये मिलने की संभावना है, हालांकि सरकार का अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है।
एक किसान कितना धान बेच सकता है
एक किसान अधिकतम 200 क्विंटल तक धान बेच सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि किसान के पास 11-12 एकड़ जमीन हो, क्योंकि एक एकड़ में लगभग 16 क्विंटल धान की पैदावार होती है।
धान बेचने पर भुगतान प्रक्रिया
इस बार विभाग ने व्यवस्था की है कि धान बेचने के 72 घंटे के भीतर पूरी राशि किसान के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। पहले केवल 50 प्रतिशत राशि 24 घंटे में मिलती थी और बाकी बाद में।
किसानों में उत्साह
धान खरीद को लेकर किसानों में उत्साह बढ़ा है। नामकुम के हाहाप गांव की किसान अर्चना मुंडा ने बताया कि ओपन मार्केट में धान की कीमत कम है, इसलिए लैम्पस के माध्यम से बेचने पर उन्हें अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद है।
सरकार का निर्णय बाकी
इस साल भी 60 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है। झारखंड स्टेट फूड कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक सत्येंद्र कुमार ने बताया कि पिछले साल MSP के साथ बोनस मिला था। इस साल भी अंतिम निर्णय आने के बाद ही खरीद की दर तय होगी।
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