Hazaribagh : हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र में हुए चर्चित हत्याकांड का पुलिस ने महज कुछ दिनों के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान दोनों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। इतना ही नहीं, आरोपियों ने हजारीबाग समेत अन्य जिलों में हुई कई लूट और चोरी की वारदातों में भी शामिल होने की बात कबूल की है।पुलिस के अनुसार बीते 8 जून को हजारीबाग निवासी विक्की कुमार सोनी अपने एक दोस्त के साथ कोडरमा ट्रेन पकड़ने के लिए जा रहे थे। विकी को केदारनाथ यात्रा पर जाना था। इसी दौरान बरही थाना क्षेत्र के करसो पुल के पास अज्ञात अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी थी। गोली लगने से विक्की कुमार सोनी की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया था।
तकनीकी जांच से पुलिस पहुंची आरोपियों तक
एसपी अमन कुमार के निर्देश पर गठित एसआईटी ने घटना की बारीकी से जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। जांच के दौरान पुलिस ने बिहार के दो युवकों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विक्रम कुमार (25 वर्ष), निवासी नारदीगंज, नवादा और दिलीप कुमार (25 वर्ष), निवासी चंदा खुर्द, गया के रूप में हुई है।
पूछताछ में कबूला जुर्म
पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पुलिस के मुताबिक दोनों ने बताया कि वारदात को अंजाम देने में उनका सीधा हाथ था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई ग्रे रंग की हुंडई कार (JH02AE-0232) भी बरामद कर ली है।
लूट और चोरी के कई मामलों में भी शामिल रहे आरोपी
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है। पुलिस के अनुसार दोनों के खिलाफ बिहार के विभिन्न थानों में चोरी, लूट, मारपीट और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले दर्ज हैं। दिलीप कुमार के खिलाफ गया जिले के वजीरगंज थाना में पहले से कई मामले दर्ज हैं, जबकि विक्रम कुमार के खिलाफ नवादा जिले के नारदीगंज थाना में विभिन्न आपराधिक कांड दर्ज हैं।पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों के तार अन्य आपराधिक घटनाओं से भी जुड़े हो सकते हैं। इसलिए दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे तथा हत्या के पीछे का मुख्य मकसद क्या था।
एसआईटी और बरही पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन में बरही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी, बरही थाना पुलिस और तकनीकी शाखा की टीम ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी और अगर अन्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आती है तो उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। हजारीबाग पुलिस ने इस खुलासे को बड़ी सफलता बताते हुए कहा है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। किसी भी आपराधिक घटना में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में लाकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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