Hazaribagh : झारखंड के हजारीबाग जिले में सरकारी टेंडर प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कई सरकारी एजेंसियों पर पारदर्शिता नहीं बरतने के आरोप लगाते हुए संवेदकों ने जमकर हंगामा किया। यह पूरा मामला बीते बुधवार का है, जब शहर के दो अलग-अलग सरकारी दफ्तरों में दिनभर गहमा-गहमी का माहौल बना रहा।
दो कार्यालयों में दिनभर चला हंगामा
झील रोड स्थित जल संसाधन विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय के अधीन जलपथ प्रमंडल संख्या-2 और संत कोलंबस कॉलेज मोड़ स्थित भवन प्रमंडल कार्यालय में टेंडर प्रक्रिया के दौरान भारी बवाल देखने को मिला। दर्जनों की संख्या में पहुंचे ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है, जिसके चलते माहौल बिगड़ गया और दिनभर हो-हल्ला चलता रहा।
जिम्मेदार अधिकारी रहे गायब
सबसे बड़ी बात यह रही कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान दोनों ही कार्यालयों के कार्यपालक अभियंता अपने-अपने दफ्तरों से नदारद रहे। इसी वजह से नाराज ठेकेदारों का गुस्सा कार्यालय में मौजूद कर्मियों पर फूट पड़ा। हालात को संभालने में कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
देर शाम तक चली टेंडर प्रक्रिया
जानकारी के मुताबिक जलपथ प्रमंडल संख्या-2 में तीन विकास कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही थी। इनमें से दो टेंडर किसी तरह पूरे कर लिए गए, जबकि एक प्रक्रिया अधूरी रह गई। वहीं भवन प्रमंडल कार्यालय में भी आधा दर्जन से ज्यादा योजनाओं के टेंडर पर काम चलता रहा, लेकिन देर शाम तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
55 लाख की योजनाओं पर खर्च
भवन प्रमंडल में 5 करोड़ से ज्यादा की योजनाएं
इधर भवन प्रमंडल में भी दर्जनों विकास योजनाओं पर 5 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने हैं। इसी को लेकर टेंडर प्रक्रिया चल रही है, लेकिन वहां भी पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विभाग का दावा, प्रक्रिया पारदर्शी
इस पूरे मामले पर प्रभारी कार्यपालक अभियंता अतुल कुमार सिंघल ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि विभागीय टीम लगातार काम में लगी हुई है और प्रक्रिया को समय पर पूरा करने की कोशिश की जा रही है।
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