Kolkata : पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच हिंसा और तनाव की खबरें सामने आई हैं। भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सुरक्षाबलों को मोर्चा संभालना पड़ा और भीड़ को हटाने के लिए हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा।
भवानीपुर में सुवेंदु अधिकारी पर घेराव का आरोप
घटना की शुरुआत तब हुई जब सुवेंदु अधिकारी एक पोलिंग बूथ का दौरा करने पहुंचे थे। सुवेंदु अधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि बूथ पर मतदाता नहीं, बल्कि बाहरी लोग जमा थे। उनके बूथ पहुंचने पर टीएमसी समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और जय बांग्ला के नारे लगाए। इसके जवाब में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जय श्री राम के नारे लगाए, जिससे तनाव और बढ़ गया। सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर गुंडागर्दी करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, टीएमसी ने पलटवार करते हुए कहा कि सुवेंदु अधिकारी मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज पीड़िता के परिवार को भी घेरा
इसी बीच, पानिहाटी विधानसभा क्षेत्र से भी एक बेहद दुखद और चिंताजनक घटना सामने आई है। सूचना के अनुसार, आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और मर्डर पीड़िता की मां और पिता को टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा घेरे जाने का मामला सामने आया है।
पीड़िता के पिता सेखररंजन देबनाथ ने आपबीती बताते हुए कहा कि जब वे रास्ते से गुजर रहे थे, तब टीएमसी के लोग मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां पहुंच गए। उन्होंने हमारे खिलाफ नारेबाजी की और अन्य लोगों को बुलाकर हम पर हमला करने की कोशिश की। सेखररंजन देबनाथ ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि वहां मौजूद पुलिस ने न केवल उन्हें (टीएमसी कार्यकर्ताओं) वहां से हटाने से इनकार किया, बल्कि पीड़ित परिवार को ही वहां से चले जाने को कह दिया।
चुनाव आयोग और प्रशासन की भूमिका पर सवाल
इन घटनाओं के बाद बंगाल की सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्ष चुनाव को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि राज्य में सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। फिलहाल, संबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।


