Ranchi : CNT एक्ट के उल्लंघन से जुड़े 15 साल पुराने जमीन घोटाले मामले में रांची स्थित CBI की विशेष अदालत ने पूर्व मंत्री एनोस एक्का और उनकी पत्नी मेनन एक्का को दोषी ठहराते हुए उन्हें 7-7 साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा, मेनन एक्का पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, साथ ही तीन साल की अतिरिक्त सजा का आदेश दिया गया। दोनों को 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, और जुर्माना न भरने पर उन्हें 6 महीने का अतिरिक्त सजा भुगतना होगा।
कोर्ट ने एनोस एक्का और अन्य आरोपियों को 193B के तहत 2 साल की कठोर कारावास की सजा भी सुनाई। रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात को 5 साल की सजा और 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा मनीलाल महतो, ब्रजेश्वर महतो और अनिल कुमार फिरोज अख्तर को भी 5 साल की सजा और 1 लाख रुपये का जुर्माना हुआ। अन्य आरोपियों को 4 साल की सजा और 1 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।
CBI ने जांच के दौरान यह साबित किया कि मंत्री रहते हुए एनोस एक्का ने अपने पद का दुरुपयोग किया और फर्जी पते का इस्तेमाल कर आदिवासी भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त की। इसमें तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी कार्तिक कुमार प्रभात ने उनकी मदद की थी। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर जमीनों की अवैध खरीद-फरोख्त की गई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि एनोस एक्का की पत्नी मेनन एक्का के नाम पर हिनू में 22 कट्ठा, ओरमांझी में 12 एकड़, नेवरी में 4 एकड़ और चुटिया के सिरम टोली मौजा में 9 डिसमिल जमीन खरीदी गई थी। ये सारी जमीनें मार्च 2006 से मई 2008 के बीच खरीदी गई थीं। CBI द्वारा प्रस्तुत सभी आरोप अदालत में सही साबित हो गए, जिसके बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराया।
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