Chatra/Hazaribagh : हजारीबाग और चतरा जिले की सीमा पर खपिया जंगल में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। ऑपरेशन कोटिनिर के दौरान चार नक्सलियों को मार गिराया गया है। मुठभेड़ शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे केरेडारी थाना क्षेत्र में हुई। इसके बाद इलाके में सर्च अभियान चलाया गया, जिसमें चार शव और कई हथियार बरामद किए गए हैं।
कैसे चला ऑपरेशन कोटिनिर
CRPF आईजी साकेत सिंह ने मीडिया को बताया कि पुलिस को पहले से इनपुट मिला था कि इस इलाके में भाकपा माओवादी का एक बड़ा दस्ता सक्रिय है। इसी सूचना के आधार पर 209 कोबरा बटालियन और झारखंड पुलिस की टीम ने संयुक्त अभियान शुरू किया। जंगल में सर्च के दौरान अचानक नक्सलियों से आमना-सामना हो गया और दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई।
मारे गए नक्सलियों की पहचान
मुठभेड़ के बाद चार नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। इनमें बड़ा नाम शहदेव महतो का है, जिस पर 15 लाख का इनाम था। उसके साथ रंजीत गंझु, नताशा और बुधन करमाली भी मारे गए हैं। ये सभी संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारी संभाल रहे थे और कई मामलों में वांटेड थे।
क्या-क्या मिला मौके से
सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को भारी मात्रा में हथियार भी मिले हैं। मौके से दो एके 47, एक कोल्ट एआर 15 और एक इंसास राइफल बरामद की गई है। इसके अलावा रोजमर्रा के इस्तेमाल की कई चीजें भी मिली हैं, जिससे साफ है कि यह दस्ता लंबे समय से इलाके में डेरा जमाए हुए था।
इलाके में नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका
CRPF आईजी साकेत सिंह ने मीडिया को बताया कि इस कार्रवाई से पारसनाथ से लेकर लुगूझुमरा तक फैले नक्सल नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचा है। इस इलाके में सक्रिय माओवादी दस्ते को लगभग खत्म कर दिया गया है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि कोई भी नक्सली बचकर न निकल सके।
पुलिस की अपील
झारखंड पुलिस ने बाकी बचे उग्रवादियों से अपील की है कि वे हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण कर दें। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें मुख्यधारा में लौटने का मौका दिया जाएगा।
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