जोहार लाइव ब्यूरो
झारखंड में एक के बाद एक छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं घट रही हैं. ट्रिपल आईटी रांची के छात्र आदित्य की मौत के बाद अब झारखंड राय यूनिवर्सिटी के एक छात्र की फंदे से लटककर जान देने की खबर सामने आई है. बुधवार 14 अक्टूबर को घटी इस घटना में मृतक की पहचान मनीष के रूप में हुई है. वह हजारीबाग का रहने वाला था.
इससे पहले बीते 10 अक्टूबर की रात को ट्रिपल आईटी रांची के छात्र आदित्य ने आत्महत्या कर ली थी. मामले को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने पूरे मामले पर जांच रिपोर्ट मांगी है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.
राय यूनिवर्सिटी के पीआरओ डॉ प्रशांत जयवर्धन ने बताया कि छात्र मनीष कुमार रांची जिले के नामकुम प्रखंड के राजाउलातू इलाका स्थिति विवि कैंपस से तीन सौ मीटर दूर एक रेसिडेंसियल एरिया में रेंट पर रह रहा था. बीते तीन दिनों से उसके कमरे अंदर से लॉक था. आज जब कमरे से दुर्गंध आऩे लगी तो छात्रों ने विवि प्रशासन और फिर पुलिस को फोन किया. इसके बाद पुलिस ने आकर कमरे का दरवाजा तोड़ा जहां छात्र फंदे से लटका मिला.
उन्होंने बताया कि छात्रों ने मृतक के परिजनों को भी फोन किया है, लेकिन किसी से बात नहीं हो पाई है. सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल पाया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. मनीष बीटेक माइनिंग इंजिनियरिंग के पांचवे सेमेस्टर का छात्र था.
पांच साल 10 हजार से अधिक लोगों ने किया सुसाइड
हालात चिंतनीय है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के मुताबिक, एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में वर्ष 2020 से 2024 के बीच पांच साल में कुल 10,148 लोगों ने आत्महत्या की. वर्ष 2022 में सबसे अधिक 2,181 मौतें दर्ज की गईं.
वर्षवार आंकड़ों को देखें तो साल 2020 में 2,145, साल 2021 में 1,825, साल 2022 में 2,181, साल 2023 में 2,006 वहीं साल 2024 में 1,991 लोगों ने आत्महत्या की है.
वहीं एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में आत्महत्या से होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ी है. वर्ष 2019 से 2023 तक के आंकड़ों के आधार पर, पांच साल में कुल 7,98,550 लोगों ने आत्महत्या की. यह संख्या हर साल दर्ज हुई आत्महत्या से होने वाली मौतों का कुल योग है.
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