हजारीबाग में आगामी दुर्गापूजा और दीपावली के त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए हजारीबाग पुलिस ने अपनी कमर कस ली है. सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला पुलिस प्रशासन ने कई कड़े और अहम कदम उठाए हैं.
इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक ने बुधवार, 14 अक्टूबर को जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षकों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, पुलिस निरीक्षकों और थाना प्रभारियों के साथ एक उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक की. इस बैठक में त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, लंबित आपराधिक मामलों के त्वरित निष्पादन, अपराधियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए.
त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या विधि-व्यवस्था की समस्या को रोकने के लिए झारखंड, रांची स्थित पुलिस मुख्यालय से बड़ी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बलों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है.
जिले के सभी पूजा पंडालों में विशेष निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा, ताकि हुड़दंगियों और असामाजिक तत्वों की हर हरकत पर नजर रखी जा सके. इसके अलावा, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पंडालों और मेलों में महिला पुलिस बल की भी तैनाती के निर्देश दिए गए हैं.
मूर्ति विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सुचारू यातायात बनाए रखने के लिए प्रशासन ने खास तैयारी की है. विसर्जन जुलूस के निर्धारित मार्गों का ड्रोन कैमरों की मदद से भौतिक सत्यापन किया जाएगा. इसके लिए सभी संबंधित थाना प्रभारियों, निरीक्षकों और उपाधीक्षकों को ड्रोन का उपयोग करने को कहा गया है. साथ ही, विसर्जन वाले सभी तालाबों और जलस्रोतों पर आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए गोताखोरों की तैनाती के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में रस्सियों और ट्यूबों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
असामाजिक तत्वों और पुराने मामलों के आरोपियों पर निरोधात्मक कार्रवाई
त्योहारों के माहौल को बिगाड़ने की आशंका वाले असामाजिक तत्वों तथा पुराने सांप्रदायिक मामलों में वांछित रहे लोगों की सूची तैयार कर उनकी पहचान की जा रही है. ऐसे चिन्हित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश सभी थाना प्रभारियों को दिए गए हैं. पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी समुदाय के लोग बिना किसी भय के सौहार्दपूर्ण माहौल में पर्व मना सकें.
अपराध नियंत्रण और न्याय प्रक्रिया में तेजी लाते हुए बैठक में महिला अत्याचार, छेड़खानी, दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम से संबंधित मामलों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है. इन गंभीर मामलों में लंबित कांडों का अविलंब अनुसंधान पूरा कर 60 दिनों के भीतर उनका निष्पादन करने का सख्त निर्देश दिया गया है. इसके अलावा, वर्ष 2026 से पहले के सभी लंबित आपराधिक मामलों और साइबर अपराध से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द सुलझाने तथा उनमें संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा गया है.
अवैध खनन, मादक पदार्थों और संगठित अपराध पर कड़ा प्रहार
जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है. अवैध कोयला, बालू और पत्थर के उत्खनन पर पूर्ण रोक लगाने के लिए पुलिस अब संबंधित अंचल अधिकारियों और जिला खनन पदाधिकारियों के साथ आपसी समन्वय बनाकर संयुक्त कार्रवाई करेगी.
मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री वाले ठिकानों को चिह्नित कर विशेष अभियान चलाया जाएगा और इस कारोबार में लिप्त लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा. इसके अतिरिक्त, संगठित अपराध गिरोहों और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ सीसीए के तहत कार्रवाई, थाना हाजिरी और गुंडा पंजी में नाम दर्ज करने के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं. पिछले पांच वर्षों के दौरान जेल से छूटकर बाहर आए अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके.
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