Johar Live Desk : इन दिनों पूरे भारत में बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। नदियां उफान पर हैं और कई राज्य जलमग्न हो चुके हैं। इस आपदा में लोगों के घर डूब गए हैं, सामान बर्बाद हो चुका है और जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में बाढ़ कवरेज बीमा (Flood Coverage Insurance) आपकी संपत्ति को वित्तीय सुरक्षा दे सकता है। आइए जानते हैं कि यह क्या है और यह सामान्य गृह बीमा से कैसे अलग है।
क्या है बाढ़ कवरेज बीमा :
बाढ़ कवरेज बीमा एक विशेष बीमा पॉलिसी है, जो बाढ़ से होने वाले नुकसान से बचाती है। यह सामान्य गृह बीमा (Home Insurance) से अलग है, क्योंकि सामान्य गृह बीमा में बाढ़ से हुए नुकसान को कवर नहीं किया जाता। बाढ़ बीमा भारी बारिश, नदी के उफान या किसी अन्य कारण से होने वाले जल नुकसान को कवर करता है। बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में रहने वालों के लिए यह बीमा बहुत जरूरी है, क्योंकि यह मरम्मत और पुनर्निर्माण की लागत को कम करता है।
गृह बीमा और बाढ़ कवरेज में अंतर
सामान्य गृह बीमा आग, चोरी और कुछ प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कवर करता है, लेकिन बाढ़ से होने वाला नुकसान इसमें शामिल नहीं होता। बाढ़ कवरेज एक अलग पॉलिसी है, जो विशेष रूप से बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई करती है। इसलिए, बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को केवल गृह बीमा पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्हें बाढ़ बीमा लेना चाहिए ताकि उनकी संपत्ति पूरी तरह सुरक्षित रहे।
बाढ़ कवरेज बीमा में क्या-क्या शामिल है :
- स्ट्रक्चरल नुकसान : दीवारों, छत और फर्श को बाढ़ से होने वाले नुकसान की भरपाई।
- सामान का नुकसान : फर्नीचर, कपड़े और अन्य व्यक्तिगत सामान को हुए नुकसान का कवर।
- प्राकृतिक आपदाएं : भारी बारिश, तूफानी लहरें और अंतर्देशीय बाढ़ से होने वाला नुकसान।
क्या शामिल नहीं है :
बाढ़ बीमा में बाढ़ के दौरान दूसरी जगह रहने का अतिरिक्त खर्च कवर नहीं होता। इसके अलावा, टूटे पाइप या रिसाव से होने वाले नुकसान को सामान्य गृह बीमा कवर करता है, न कि बाढ़ बीमा।
यह रखें ध्यान
भारत में बाढ़ बीमा एक अतिरिक्त कवरेज है, जिसे अलग से खरीदना पड़ता है। कई लोग सोचते हैं कि उनका गृह बीमा बाढ़ को भी कवर करता है, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आप बाढ़-प्रवण क्षेत्र में रहते हैं, तो बाढ़ बीमा लेना बेहद जरूरी है। यह आपकी संपत्ति और वित्तीय सुरक्षा के लिए एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।
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