कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने रविवार को नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला. पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले 72 घंटों में देशभर में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, उनके साथ मारपीट की गई और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका गया.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशुतोष रंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘भारत का सबसे बड़ा कायर’ बताया, जबकि सौरव दास ने देश में ‘ओपन इमरजेंसी’ जैसे हालात होने का आरोप लगाया. रत्ना ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए.
72 घंटे में आपातकाल को भी पीछे छोड़ दिया
सीजेपी नेता अशुतोष रंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि इतना डरपोक और कायर प्रधानमंत्री आजाद हिंदुस्तान ने नहीं देखा. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 72 घंटों में देश ने तानाशाही का नंगा नाच देखा है.
रंका ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के लिए निर्धारित जगह पर पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों को हिरासत में लिया गया और उनके साथ मारपीट की गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के नेताओं को विमान से जबरन ले जाया गया.
उन्होंने कहा, “नरेंद्र मोदी भारत के लिए शर्मनाक हैं. पिछले 72 घंटों में नरेंद्र मोदी ने उस आपातकाल को भी पीछे छोड़ दिया, जिसके बारे में हम अपने माता-पिता से कहानियां सुनते आए हैं.”
रंका ने आरोप लगाया कि सरकार की कार्रवाई से दुनिया में भारत की छवि खराब हुई है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के महान प्रधानमंत्री के रूप में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं, लेकिन हालिया घटनाक्रम उनके शासन के तरीके पर सवाल खड़े करता है.
देश में ओपन इमरजेंसी जैसे हालात
सीजेपी नेता सौरव दास ने कहा कि पूरे देश में ‘ओपन इमरजेंसी’ जैसी स्थिति है. उन्होंने मौजूदा हालात की तुलना 1975 के आपातकाल से करते हुए सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया.
दास ने दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे में हुई कथित पुलिस कार्रवाई का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुद्वारे में शरण लेने वाले लोगों को दिल्ली पुलिस ने जूते पहनकर और सिर ढके बिना बाहर निकाला.
दास ने कहा कि सिख समुदाय ने हमेशा धर्म, जाति और राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर जरूरतमंदों को शरण दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुद्वारे में पुलिस की कार्रवाई सिख समुदाय के प्रति अपमानजनक थी.
उन्होंने दावा किया कि सिख समुदाय के साथ बर्बरता या उसका अपमान करने वाली सरकारें लंबे समय तक सत्ता में नहीं रही हैं. दास ने मौजूदा सरकार के अंत की भी भविष्यवाणी की.
बेंगलुरु से ही पुलिस ने पीछा करना शुरू किया
सीजेपी नेता रत्ना ने कहा कि पार्टी के सदस्यों के बेंगलुरु जाने के बाद से ही पुलिस की गतिविधियां शुरू हो गई थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उनकी गाड़ियों का पीछा कर रही थी, मानो वे कोई अपराधी हों.
रत्ना ने इस घटनाक्रम को पार्टी के सदस्यों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई से जोड़ते हुए सरकार और पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए.
सीजेपी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने, कथित मारपीट और शांतिपूर्ण प्रदर्शन रोकने की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार तथा दिल्ली पुलिस की आलोचना की. नेताओं ने इन घटनाओं को लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बताया.
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