Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»जोहार ब्रेकिंग»28 लाख छोटे कारोबारियों को मिलेगी बड़ी राहत : अब एसएमएस से ही भर जाएगा जीएसटी रिटर्न, जाने क्या है नियम
    जोहार ब्रेकिंग

    28 लाख छोटे कारोबारियों को मिलेगी बड़ी राहत : अब एसएमएस से ही भर जाएगा जीएसटी रिटर्न, जाने क्या है नियम

    Team JoharBy Team JoharOctober 2, 2019No Comments3 Mins Read0
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Joharlive Desk

    नई दिल्ली : वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली में रिटर्न दाखिल करने की नई प्रक्रिया से छोटे कारोबारियों को सबसे ज्यादा फायदा होने जा रहा है। इनमें से करीब 28 लाख असेसी यानी कारोबारियों को मोबाइल फोन से सिर्फ एसएमएस भेज कर रिटर्न दाखिल करने की सुविधा मिल जाएगी। यही नहीं, 50 लाख से ज्यादा छोटे कारोबारियों को तीन महीने में सहज और सुगम फार्म से तीन महीने में एक बार रिटर्न दाखिल करना होगा। नई प्रणाली के तहत आगामी एक अप्रैल से रिटर्न दाखिल होगा।
    जीएसटी नेटवर्क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रकाश कुमार ने बताया कि नई प्रणाली में छोटे कारोबारियों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस समय कुल रिटर्न दाखिल करने वालों में 22.73 फीसदी या करीब 28 लाख कारोबारियों की तरफ से एक पैसे का भी कर जमा नहीं होता है।

    हालांकि उन्होंने जीएसटी नंबर लिया हुआ है और इसके तहत रिटर्न दाखिल करने की बाध्यता के चलते उन्हें रिटर्न दाखिल करना पड़ता है। इनके लिए नई प्रणाली में एक विशेष श्रेणी बना दी गई है। ऐसे करदाता अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से सिर्फ एसएमएस भेज कर अपना रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।

    जैसे ही वह निल रिटर्न टाइप पर एसएमएस भेजेंगे, उनके पंजीकृत नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आएगा। इस ओटीपी को वापस भेजने पर उनका रिटर्न दाखिल किया हुआ माना जाएगा।ओटीपी की बाध्यता के सवाल पर उन्होंने कहा, कई बार असेसी कहते हैं कि गलती से भी एसएमएस चला गया है, उन्होंने एसएमएस नहीं भेजा है। ऐसे मामलों में ही वेरिफिकेशन का आसान जरिया ओटीपी है।
    पांच करोड़ रुपये तक कारोबार पर सहज और सुगम
    प्रकाश कुमार ने बताया कि साल में पांच करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले व्यापारियों को पहले जीएसटीएन 3बी फार्म भरने की ही बाध्यता थी, लेकिन अब इस सीमा तक कारोबार करने वालों के लिए दो फार्म बनाए गए हैं। जो कारोबारी साल में पांच करोड़ रुपये तक का माल बेचते हैं और सिर्फ खुदरा सामान बेचते हैं या बी2सी कारोबार करते हैं, उनके लिए जीएसटी आरईटी-2 फार्म बनाया गया है।

    इसे ही सहज नाम दिया गया है। इसमें कारोबारी को कर तो हर महीने भरना होगा, लेकिन रिटर्न तीन महीने में भरना होगा। इसी तरह साल में पांच करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले वैसे कारोबारी जो सिर्फ थोक माल बेचते हैं या बी2बी कारोबार करते हैं, के लिए जीएसटी आरईटी-3 या सुगम फार्म बनाया गया है। यह फार्म भी तिमाही आधार पर ही भरा जाएगा लेकिन कर का भुगतान मासिक होगा।
    ऑफलाइन टूल जारी
    उन्होंने बताया कि कारोबारी नई प्रणाली से आसानी से घुलमिल सके, इसके लिए नई प्रणाली का ऑफलाइन टूल जारी कर दिया गया है। इसे परीक्षण (ट्रायल रन) के लिये जारी किया गया है। इसे जीएसटी नेटवर्क की वेबसाइट से भी डाउनलोड किया जा सकता है। उनका कहना है कि इसका उपयोग कर कारेेबारी देखें कि कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं है। यदि गड़बड़ी है तो उसे सुधारा जाएगा।

    #Business news #National News Latest news
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleबिहार में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने की अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने की अपील
    Next Article बाढ़ का कहर : बिहार और उत्तर प्रदेश में अब तक 142 लोगों की मौत

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्ति मामला : सुप्रीम कोर्ट में जजों की अलग-अलग राय, अब संविधान पीठ करेगी अंतिम फैसला

    September 23, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड : कौन हैं गजेंद्र सिंह पटेल, जिन्हें भाजपा ने बनाया प्रभारी?

    September 23, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    MMDR कानून पर आर-पार : 26 सितंबर को राजभवन में कांग्रेस का धरना, इरफान बोले- झारखंड के हक की हर कीमत पर होगी रक्षा

    September 23, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    मेघालय: गठबंधन की ही पार्टी को तोड़ दिया और बन गई दूसरी सबसे बड़ी पार्टी

    September 23, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    CEC ने ईसीआई को बनाया ‘रबर स्टैंप’ या खुद कर लिया हाइजैक? चुनाव आयोग के अंदरूनी कलह पर कांग्रेस का बड़ा हमला

    September 23, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    Bank Strike : हड़ताल से पहले रविवार को खुलेंगे देशभर के बैंक, 27 सितंबर को सामान्य रहेगा कामकाज

    September 23, 2026
    Latest Posts

    मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्ति मामला : सुप्रीम कोर्ट में जजों की अलग-अलग राय, अब संविधान पीठ करेगी अंतिम फैसला

    September 23, 2026

    झारखंड : कौन हैं गजेंद्र सिंह पटेल, जिन्हें भाजपा ने बनाया प्रभारी?

    September 23, 2026

    MMDR कानून पर आर-पार : 26 सितंबर को राजभवन में कांग्रेस का धरना, इरफान बोले- झारखंड के हक की हर कीमत पर होगी रक्षा

    September 23, 2026

    मेघालय: गठबंधन की ही पार्टी को तोड़ दिया और बन गई दूसरी सबसे बड़ी पार्टी

    September 23, 2026

    CEC ने ईसीआई को बनाया ‘रबर स्टैंप’ या खुद कर लिया हाइजैक? चुनाव आयोग के अंदरूनी कलह पर कांग्रेस का बड़ा हमला

    September 23, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.