नेपाल में 26 अगस्त को आई भयानक बाढ़ के बाद रांची का एक परिवार अपने बेटे की तलाश में परेशान है. रांची के कोकर के रहने वाले रामप्रसाद घोष का 26 अगस्त के बाद से परिवार से कोई संपर्क नहीं हो पाया है. फोन बंद है और कहीं से भी उनके बारे में कोई पक्की जानकारी नहीं मिल रही है. परिवार लगातार उन्हें खोजने की कोशिश कर रहा है. इसी बीच शनिवार को केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ रामप्रसाद के घर पहुंचे और उनके परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि रामप्रसाद की तलाश में हर संभव मदद की जाएगी.
नेपाल में नौकरी करते थे रामप्रसाद
परिजनों के मुताबिक, रामप्रसाद पिछले कुछ महीनों से नेपाल में काम कर रहे थे. वह अपर त्रिशूली इलाके में एंड्रिट्ज हाइड्रो पावर कंपनी में एडमिन के पद पर कार्यरत थे. इससे पहले भी वह नेपाल में करीब एक साल से काम कर रहे थे. परिवार के अनुसार, रामप्रसाद करीब दो महीने पहले छुट्टी पर रांची आए थे और फिर वापस नेपाल चले गए थे. 25 अगस्त को उनकी परिवार से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी. इसके अगले दिन यानी 26 अगस्त को नेपाल में बाढ़ की त्रासदी के बाद उनसे संपर्क टूट गया. तब से परिवार लगातार उन्हें फोन कर रहा है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा.
काठमांडू पहुंचकर भी तलाश जारी
रामप्रसाद के परिजन उनकी तलाश में नेपाल भी पहुंचे हैं. परिवार के सदस्य काठमांडू में हैं और वहां अलग-अलग स्तर पर जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं. परिवार लगातार भारतीय एंबेसी और दूसरे माध्यमों से भी संपर्क कर रहा है.
संजय सेठ ने परिवार से मुलाकात के बाद बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से एंबेसी समेत अन्य माध्यमों से रामप्रसाद की जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि रामप्रसाद सुरक्षित हैं, घायल हैं या किसी दूसरी स्थिति में हैं. उन्होंने कहा कि सभी लोग यही प्रार्थना कर रहे हैं कि रामप्रसाद सकुशल मिल जाएं और जल्द अपने परिवार के पास लौटें.
बहन ने कहा- भाई का कहीं पता नहीं चल रहा
रामप्रसाद की बहन पूजा घोष का कहना है कि परिवार लगातार उन्हें खोज रहा है, लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है. उन्होंने बताया कि नेपाल से यह जानकारी मिली थी कि कुछ लोग पहाड़ के ऊपर चले गए थे और बाद में नीचे आ गए. परिवार ने वहां भी रामप्रसाद को खोजने की कोशिश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला.
वहीं, रामप्रसाद के भाई प्रकाश कुमार घोष ने बताया कि 25 अगस्त को उनकी भाई से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी. इसके बाद 26 अगस्त से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया. प्रकाश ने कहा कि परिवार के बड़े भाई और भाभी नेपाल गए हैं और वहां पहुंचकर रामप्रसाद की तलाश कर रहे हैं. उनका एक दोस्त भी नेपाल में है, जिसे इलाके की जानकारी है. वह भी परिवार की मदद कर रहा है.
पिता बोले- बस बेटे की खबर मिल जाए
रामप्रसाद के पिता अपने बेटे की खबर के लिए परेशान हैं. उनका कहना है कि अगर बेटे के बारे में कोई जानकारी मिल जाए, तो परिवार खुद उसे लेने नेपाल पहुंच जाएगा. उन्होंने कहा कि 26 अगस्त के बाद से रामप्रसाद की कोई खबर नहीं है. परिवार अपनी तरफ से हर संभव कोशिश कर रहा है. बड़े बेटे और बहू को नेपाल भेजा गया है, जबकि रामप्रसाद का दोस्त भी वहां उनकी तलाश में जुटा है. परिवार की सबसे बड़ी चिंता यही है कि आखिर रामप्रसाद कहां हैं और किस हालत में हैं.
रामप्रसाद के परिवार की उम्मीद अभी टूटी नहीं है. परिजनों को भरोसा है कि वह कहीं सुरक्षित होंगे और जल्द ही उनकी कोई खबर मिलेगी. फिलहाल परिवार की नजर नेपाल से आने वाली हर सूचना पर टिकी है. भारतीय एंबेसी और दूसरे स्तर पर भी तलाश जारी है. परिवार बस यही चाहता है कि किसी तरह रामप्रसाद का पता चले और वह सुरक्षित रांची वापस लौट आएं.
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