जोहार लाइव ब्यूरो. रांची
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के मोइरांग स्थित ट्रांगलाओबी अवांग लीकाई में अप्रैल में हुए IED हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है. NIA ने इस आतंकी हमले के मामले में आरोपी एस. पलाल थाडौ को गिरफ्तार किया है. इस मामले में यह NIA की पहली गिरफ्तारी है. आरोपी को इंफाल स्थित विशेष NIA अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.
हमले में दो मासूम बच्चों की हुई थी मौत
NIA के मुताबिक, 7 अप्रैल 2026 को ट्रांगलाओबी अवांग लीकाई इलाके में एक आवासीय मकान को निशाना बनाकर पहाड़ी की तरफ से अज्ञात उग्रवादियों ने एक विस्फोटक उपकरण फेंका था. यह विस्फोटक मकान की दीवार से टकराकर फट गया. हमले में एक ही परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
घायलों में शामिल दो नाबालिग बच्चों ने बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ था. घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मौके से एक बिना फटा हुआ इम्प्रोवाइज्ड RPG भी बरामद किया था. इससे हमले में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक और हमलावरों की मंशा को लेकर जांच एजेंसियों ने गंभीरता से जांच शुरू की.
मोइरांग थाने में दर्ज हुआ था मामला
हमले के संबंध में शुरुआत में मोइरांग पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था. अज्ञात उग्रवादियों द्वारा पहाड़ी क्षेत्र से आवासीय इलाके की ओर विस्फोटक दागे जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू की थी.
बाद में मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी गई. NIA ने 23 अप्रैल 2026 को केस को दोबारा दर्ज कर अपने हाथ में लिया. मामला RC-04/2026/NIA/IMP के रूप में दर्ज किया गया. जांच में भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई.
जांच में सामने आया पलाल थाडौ का नाम
NIA की जांच आगे बढ़ने के साथ ही एजेंसी को इस हमले में एस. पलाल थाडौ की कथित भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली. जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में उसकी संलिप्तता सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया.
हालांकि, आरोपी को इससे पहले भी मणिपुर पुलिस ने अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया था. उसे चुराचांदपुर पुलिस ने FIR संख्या 17(02)2026 के सिलसिले में गिरफ्तार किया था. इसके बाद बिष्णुपुर पुलिस ने PGCI पुलिस स्टेशन की FIR संख्या 12(03)2026 के मामले में भी उसे गिरफ्तार किया था.
अब NIA ने ट्रांगलाओबी IED हमले के मामले में उसे गिरफ्तार किया है. एजेंसी का कहना है कि गिरफ्तारी का उद्देश्य केवल हमले में आरोपी की भूमिका की जांच करना नहीं, बल्कि पूरी साजिश और उसके पीछे सक्रिय नेटवर्क का पता लगाना भी है.
10 दिन की पुलिस रिमांड, बड़े नेटवर्क की तलाश
विशेष NIA अदालत, इंफाल में पेश किए जाने के बाद अदालत ने आरोपी को 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया. इस दौरान NIA उससे पूछताछ कर हमले की पूरी कड़ी को जोड़ने की कोशिश करेगी.
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमले की साजिश किसने रची, विस्फोटक और RPG किसने उपलब्ध कराया, हमले को अंजाम देने वाले लोग कौन थे और आरोपी की भूमिका किस स्तर तक थी. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हमले के पीछे किसी बड़े उग्रवादी या आतंकी नेटवर्क की भूमिका तो नहीं थी.

अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश
NIA के लिए इस मामले में पहली गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ी चुनौती हमले में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचना है. एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 7 अप्रैल को हुए हमले के पीछे कितने लोग शामिल थे और उन्हें किस स्तर से निर्देश मिल रहे थे.
जांच में सामने आने वाले डिजिटल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर NIA संभावित सहयोगियों और साजिश में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान करने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
दो नाबालिग बच्चों की मौत से जुड़े इस मामले में NIA की जांच अब केवल हमले को अंजाम देने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि एजेंसी पूरे षड्यंत्र, हमले की योजना और इसके पीछे मौजूद नेटवर्क का पता लगाने पर भी केंद्रित है. मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है. जांच फिलहाल जारी है.


