पश्चिमी सिंहभूम: चाईबासा में नक्सल विरोधी अभियान के बीच 11 अगस्त को सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. कोल्हान, पोराहाट और सारंडा क्षेत्र में सक्रिय भाकपा (माओवादी) के 10 लाख रुपये के इनामी जोनल कमेटी सदस्य सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर समेत चार सक्रिय नक्सलियों ने पुलिस और सीआरपीएफ के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया. यह आत्मसमर्पण ऑपरेशन नवजीवन-III के तहत पुलिस उप-महानिरीक्षक, कोल्हान क्षेत्र चाईबासा और पुलिस उप-महानिरीक्षक, सीआरपीएफ रेंज चाईबासा के समक्ष हुआ.
आत्मसमर्पण करने वालों में सालुका कायम के अलावा कोदोमुनी कोड़ा, पिंकी मूर्ती उर्फ सुकांती पूर्ती और अनिता तामसोय उर्फ अनिता कायम शामिल हैं.
सालुका पर 96 मामले दर्ज
दस लाख रुपये के इनामी सालुका कायम को भाकपा (माओवादी) के जोनल कमेटी सदस्य के रूप में बताया गया है. उसके खिलाफ चाईबासा में 90 और सरायकेला में 6, यानी कुल 96 मामले दर्ज हैं. आत्मसमर्पण के दौरान उसके पास से AK-47 राइफल, दो मैगजीन और 843 राउंड कारतूस समेत अन्य सामग्री बरामद की गई.
वहीं, दास्ता सदस्य कोदोमुनी कोड़ा के पास से वायरलेस सेट और 697 राउंड कारतूस की बरामदगी की गई है. कोदोमुनी के ऊपर 1 लाख इनाम रखा गया था.
इसके अलावा पिंकी मूर्ती के पास से INSAS राइफल और 639 राउंड कारतूस तथा अनिता तामसोय के पास से पांच मैगजीन, 97 राउंड कारतूस और अन्य सामग्री बरामद हुई.
2025 से अब तक 49 नक्सलियों ने डाले हथियार
पुलिस के अनुसार, पश्चिमी सिंहभूम में वर्ष 2025 से जुलाई 2026 तक कुल 49 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. इस दौरान पुलिस मुठभेड़ में 22 नक्सली मारे गए, जबकि 60 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. अभियान के दौरान हथियारों और आईईडी की भी बरामदगी हुई है.

पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2025 में 10 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था. इसके बाद ऑपरेशन नवजीवन के तहत 21 मई 2026 को 25 नक्सल कमांडर और दस्ता सदस्यों ने 16 हथियार और 3,082 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण किया था. 28 जुलाई को ऑपरेशन नवजीवन-II के तहत 14 नक्सलियों ने 10 हथियार और 1,412 गोलियों के साथ हथियार डाले थे.
पुलिस ने आत्मसमर्पण के पीछे लगातार चल रहे संयुक्त अभियानों, सारंडा क्षेत्र में नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना, नक्सली संगठन के भीतर कथित शोषण से मोहभंग और राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति को प्रमुख कारण बताया है.
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