झारखंड में 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में कथित धांधली की जांच की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 14 दिनों से धरना जारी है, जबकि कई छात्र पिछले 6 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं. शुक्रवार को आंदोलन की गूंज सड़क से लेकर विधानसभा तक सुनाई दी. विधानसभा में बीजेपी ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा, वहीं बाहर छात्र संगठनों ने विधानसभा मार्च निकालने की कोशिश की.
झारखंड विधानसभा में शुक्रवार को JPSC-JSSC विवाद सबसे बड़ा मुद्दा बना रहा. बीजेपी विधायकों ने छात्रों के आंदोलन को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार हंगामा किया. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार को छात्रों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए.

छात्रों की बात – छात्रों के साथ
मैंने पहले भी कहा है कि मैं और हमारी सरकार झारखंड सहित पूरे देश में छात्रों और युवाओं से जुड़ी समस्याओं के ठोस एवं व्यावहारिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
रांची में मेरे युवा साथियों के साथ-साथ, राज्य के विभिन्न जिलों में… pic.twitter.com/xG6OAUwqbe
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 7, 2026
दूसरी ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार पहले ही छात्रों को अपनी बात रखने के लिए सभी जरूरी मंच उपलब्ध करा चुकी है. उन्होंने कहा कि सरकार हर छात्र की समस्या को समझती है और समाधान निकालने की दिशा में काम कर रही है.
अनशनकारी राहुल क्रांति की बिगड़ी तबीयत
धरना स्थल पर आमरण अनशन कर रहे आंदोलनकारी राहुल क्रांति की शुक्रवार सुबह तबीयत बिगड़ गई. स्वास्थ्य खराब होने के बाद उन्हें जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से रांची सदर अस्पताल ले जाया गया. वहीं छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो और ब्रह्मनाथ समेत कुल छह छात्र अब भी भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं. आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा.
देर रात अफसर पहुंचे, लेकिन नहीं बनी बात
गुरुवार रात करीब 10:45 बजे एसडीओ और एसडीएम लॉ एंड ऑर्डर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे. करीब 45 मिनट तक छात्रों और अधिकारियों के बीच बातचीत हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. अधिकारियों ने साफ कहा कि सरकार सिर्फ छात्रों से बातचीत करना चाहती है. वहीं छात्र अपने प्रतिनिधिमंडल में दो पत्रकार और एक पूर्व महाधिवक्ता को शामिल करने की मांग पर अड़े रहे. इसी बात पर बातचीत बेनतीजा खत्म हो गई. इससे पहले छात्रों ने गुरुवार रात फ्लैशलाइट मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया.
राहुल गांधी ने आंदोलन को दिया समर्थन
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार रात अनशन पर बैठे छात्र नेता रविंद्र पासवान से फोन पर बात की. उन्होंने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है. राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में हो रहे छात्र आंदोलन शिक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि चाहे किसी भी दल की सरकार हो, उसे छात्रों की बात सुननी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना चाहिए.

छात्र बोले, सरकार नहीं सुन सकती तो इस्तीफा दे
धरना दे रहे छात्र प्रेम ने कहा कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है. उन्होंने कहा, “यह सिर्फ हमारी समस्या नहीं, बल्कि हमारे अधिकारों की हत्या है. अगर सरकार हमारी बात भी नहीं सुन सकती, तो उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है.”
वहीं छह दिन से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि पिछले तीन दिनों से सिर्फ बातचीत का माहौल बनाया जा रहा है, लेकिन कोई ठोस फैसला नहीं लिया जा रहा. उन्होंने कहा कि यदि भर्ती व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए कुर्बानी भी देनी पड़े, तो छात्र पीछे नहीं हटेंगे.
CID जांच में खुल रहे बड़े खुलासे
उधर, JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी की CID जांच लगातार आगे बढ़ रही है. अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी से लगातार 10 दिनों तक पूछताछ की गई. पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर एक अभ्यर्थी से 40 से 60 लाख रुपये तक की डील होती थी. इस रकम का बंटवारा पूरे नेटवर्क में पहले से तय रहता था. हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच एजेंसियों की ओर से नहीं की गई है.
एक तरफ छात्र अपनी मांगों पर अड़े हैं, दूसरी ओर सरकार बातचीत की बात कर रही है. विधानसभा के भीतर और बाहर जिस तरह यह मुद्दा लगातार गरमा रहा है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में JPSC-JSSC विवाद झारखंड की राजनीति और छात्र आंदोलन दोनों का सबसे बड़ा मुद्दा बना रहेगा.



