झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान चलाकर दलमा क्षेत्र में बड़ी नक्सली साजिश को नाकाम कर दिया. कार्रवाई के दौरान प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया. उनके पास से AKM-47 रायफल, इंसास रायफल, 9 एमएम पिस्टल, 403 जिंदा कारतूस, वॉकी-टॉकी, कोडेक्स वायर (विस्फोटक) और अन्य सामग्री बरामद हुई है. पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार माओवादी किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे.
संयुक्त टीम ने गांव में घेराबंदी कर की छापेमारी
पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी ने बताया कि 4 अगस्त को गुप्त सूचना मिली थी कि कांड्रा थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव में माओवादी संगठन के सदस्य छिपे हुए हैं. सूचना के आधार पर झारखंड पुलिस, 203 कोबरा, सीआरपीएफ की 134वीं बटालियन और 26वीं वाहिनी एसएसबी की संयुक्त टीम ने गांव की घेराबंदी कर छापेमारी की.
कार्रवाई के दौरान भाकपा (माओवादी) के सब-जोनल कमेटी सदस्य रवि सिंह सरदार उर्फ सागर सिंह उर्फ बिरेन सिंह उर्फ छोटा विजय को लोडेड AKM-47, कारतूस और वॉकी-टॉकी के साथ गिरफ्तार किया गया. उसकी निशानदेही पर चांडिल थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा से संगठन के रीजनल कमेटी सदस्य एवं बंगाल-झारखंड-ओडिशा सीमांत कमेटी के सदस्य मदन महतो चरण उर्फ शंकर महतो तथा सब-जोनल कमांडर मीना पहाड़िया उर्फ नेपू पहाड़िया को भी गिरफ्तार किया गया. मीना पहाड़िया रवि सिंह सरदार की पत्नी है.
दलमा में बड़ी वारदात को अंजाम देने का था प्लान
पूछताछ के बाद पुलिस ने दलमा पहाड़ के आसनबनी क्षेत्र में छिपाकर रखे गए हथियारों का जखीरा भी बरामद किया. इनमें पुलिस बल से लूटी गई एक इंसास रायफल, AKM-47 के 208 अतिरिक्त कारतूस और तीन बंडल कोडेक्स वायर शामिल हैं.
पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे पहले दलमा क्षेत्र में सक्रिय थे. हाल के दिनों में सारंडा क्षेत्र में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के कारण संगठन ने फिर से दलमा इलाके में सक्रिय होकर बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी. उन्होंने कुकड़ू में पुलिसकर्मियों की हत्या कर हथियार लूटने की घटना समेत दलमा क्षेत्र की कई नक्सली घटनाओं में अपनी संलिप्तता भी स्वीकार की है. हालांकि इन दावों का स्वतंत्र सत्यापन अभी होना बाकी है.
नक्सलियों से बरामद हथियार
नक्सलियों के पास से एक AKM-47 रायफल, एक इंसास रायफल, एक 9 एमएम पिस्टल, AKM-47 के 361 जिंदा कारतूस, 9 एमएम के 42 जिंदा कारतूस, AKM-47 की 2 मैगजीन, तीन बंडल कोडेक्स वायर (विस्फोटक), एक मोटरोला वॉकी-टॉकी, एक पल्सर मोटरसाइकिल, टॉर्च, छाता और पुलिस बेल्ट सहित अन्य सामान बरामद की गई.
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट, यूएपीए, सीएलए एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.


