रांची: झारखंड के करीब 1.91 लाख सरकारी कर्मचारियों के वेतन को लेकर सरकार ने सख्ती दिखाई है. वित्त विभाग ने सभी विभागों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कर्मचारियों को हर महीने समय पर वेतन और तय भत्ते मिलें. वेतन भुगतान में बेवजह देरी नहीं होनी चाहिए.
वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने 30 जुलाई 2026 को इस संबंध में पत्र जारी किया है. सरकार के संज्ञान में आया था कि कुछ विभागों और कार्यालयों में कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है. इसके बाद वित्त विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को तय नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है.
25 तारीख के बाद कोषागार में जमा हो सकता है वेतन बिल
सरकार ने अपने आदेश में झारखंड कोषागार संहिता, 2016 के नियम-139 का हवाला दिया है. इसके मुताबिक, सरकारी कर्मचारियों के वेतन और तय भत्तों का बिल हर महीने 25 तारीख के बाद कोषागार में जमा किया जा सकता है. अगर बैंक खुला है, तो बैंक के आखिरी कामकाजी दिन तक वेतन और भत्तों का भुगतान किया जाना चाहिए.
वित्त विभाग ने साफ कहा है कि सभी विभाग इस नियम का ठीक से पालन करें, ताकि कर्मचारियों को वेतन के लिए इंतजार न करना पड़े और भुगतान में अनावश्यक देरी न हो.
करीब 1.91 लाख कर्मचारियों पर पड़ेगा असर
इस आदेश की कॉपी सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त, उपायुक्त और कोषागार अधिकारियों को भेजी गई है. मुख्य सचिव और कोषागार एवं सांस्थिक वित्त निदेशालय को भी इसकी जानकारी दी गई है.
झारखंड में करीब 1,90,822 सरकारी कर्मचारी हैं. वित्त विभाग के इस निर्देश का सीधा असर इन कर्मचारियों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया पर पड़ेगा. हालांकि, यह कोई नया वेतन नियम नहीं है. सरकार ने पहले से तय नियम का सख्ती से पालन कराने के लिए यह निर्देश जारी किया है, ताकि कर्मचारियों को हर महीने समय पर वेतन मिल सके.
Also Read : झारखंड: 50 हजार घूस लेते महिला थाना प्रभारी सुलेखा गिरफ्तार, एसीबी ने की कार्रवाई

