पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने रविवार 12 जुलाई को कहा कि राज्य में जल्द ही समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी. इसका मसौदा तैयार करते समय आदिवासी समुदायों की परंपराओं और कानूनों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है.
यूसीसी पर बोलते हुए दिलीप घोष ने कहा, “समान नागरिक संहिता का कानून लागू होना तय था. अब यह सिर्फ समय की बात है और इसे बहुत जल्द लागू किया जाएगा.”
उन्होंने कहा, “देश के अलग-अलग हिस्सों में आदिवासी समुदायों के लिए अलग-अलग कानून और परंपराएं हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए विधेयक का मसौदा तैयार किया जा रहा है. जहां जो आवश्यक होगा, उसके अनुसार प्रावधान किए जाएंगे.”
यह बयान ऐसे समय आया है जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार ने शनिवार को अधिसूचना जारी कर नौ सदस्यीय समिति के अन्य आठ सदस्यों के नाम घोषित किए हैं. इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. समिति का काम पश्चिम बंगाल समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026 के मसौदे का अध्ययन करना है.
पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता लागू करने के उद्देश्य से गठित यह समिति विधेयक का अध्ययन करेगी और अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगी. इसके बाद अंतिम विधेयक तैयार कर इस वर्ष अगस्त में विधानसभा के पटल पर पेश किया जाएगा. बता दें, पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने 2 जुलाई को यूसीसी विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी थी.

