Ranchi : “जिलों के एसपी केंद्रीय गृह मंत्री और डीजीपी का निर्देश को भी दिखा रहे है ठेंगा ” खबर प्रमुखता के साथ छपने पर 10 जुलाई को पुलिस विभाग सक्रिय हुई है। इस दौरान शुक्रवार को खूंटी पुलिस ने 1477.5 किलो जप्त डोडा नष्ट किया है। नष्ट किये गए डोडा की कीमत बाजार में करीब 22 लाख रुपये है। खूंटी पुलिस ने दावा किया है कि वह समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए आगे भी ऐसे अभियान चलते रहेंगे। जबकि, सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में नशा को लेकर समय-समय पर जागरूकता अभियान चलायेंगे ताकि ग्रामीण नशा को लेकर जागरूक हो सकें। वहीं दूसरी ओर हजारीबाग पुलिस ने भी 1452.200 किलो डोडा, 307.700 किलोग्राम गांजा, 5000 मिली लीटर कफ सिरप को नष्ट किया है।
अब देखना है कि एक जिला के बाद अगला कौन-कौन सा जिला इस दिशा में कदम उठाता है।
सीआईडी के पत्राचार के बाद पूरा मामला आया सामने
यह पूरा मामला पुलिस की बड़ी लापरवाही से जुड़ा है, जिसका खुलासा सीआईडी मुख्यालय के एक पत्र से हुआ। यह पत्र रांची, धनबाद और जमशेदपुर के एसएसपी समेत सभी जिलों के एसपी को भेजा गया था। आदेश का पालन नहीं होने के कारण सीआईडी मुख्यालय को सभी कप्तानों को ‘रिमाइंडर’ तक भेजना पड़ रहा है।
सीआईडी मुख्यालय के रिकॉर्ड के मुताबिक, इसी साल 9 जनवरी 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नौवीं एपेक्स लेवल एनकॉर्ड (NCORD) कमेटी की बैठक हुई थी। इसमें झारखंड सहित सभी राज्यों को सख्त निर्देश दिया गया था कि थानों में जब्त पड़े मादक पदार्थों को नष्ट करने में तेजी लाई जाए और इसकी एक स्पष्ट योजना तैयार की जाए।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने 8 जून को झारखंड पुलिस को पत्र लिखकर 26 जून से 10 जुलाई तक विशेष अभियान चलाकर नशीले पदार्थों को नष्ट करने को कहा था। इसके आधार पर सीआईडी ने 16 जून को ही सभी जिलों के एसपी को पत्र भेजकर विशेष अभियान चलाने और इसकी रिपोर्ट मांगी थी।
जब जिलों से कोई रिपोर्ट नहीं मिली, तो सीआईडी ने 29 जून को फिर से रिमाइंडर भेजा। इसी बीच 20 जून 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में 10वीं एपेक्स लेवल एनकॉर्ड की मीटिंग भी हो गई, जिसमें जब्त माल का निपटारा मुख्य एजेंडा था। जिलों द्वारा समय पर रिपोर्ट नहीं भेजे जाने पर डीजीपी तदाशा मिश्र ने गहरा असंतोष और नाराजगी जाहिर की थी और तुरंत रिपोर्ट मांगी थी।
खूंटी पुलिस ने तो सुबह खबर चलने के बाद कार्रवाई कर दी, अब देखना है कि बाकी जिलों के कप्तान कब जागते हैं।
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