मुस्कान चौधरी
उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है. मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोप लगने के बाद हड़कंप मच गया है. मामला सामने आते ही बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति हरकत में आई और जांच के साथ जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी. समिति का कहना है कि अगर जांच में कोई भी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि मंदिर समिति इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से देख रही है. उन्होंने कहा कि चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोपों पर तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है. कमेटी को जल्द से जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं के बीच किसी तरह का भ्रम न रहे. उन्होंने साफ कहा कि जो भी व्यक्ति जांच में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियम के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी.
निजी सचिव को लेकर भी दी सफाई
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने अध्यक्ष के कथित निजी सचिव का नाम भी इस मामले से जोड़ा. इस पर हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि उनका कोई निजी सचिव नहीं है. जिस कर्मचारी का नाम लिया जा रहा है, वह बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का नियमित कर्मचारी है और पहले भी कई अध्यक्षों के साथ व्यक्तिगत सहायक के रूप में काम कर चुका है. उन्होंने कहा कि अगर जांच में वह कर्मचारी भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी बिना किसी पक्षपात के सख्त कार्रवाई की जाएगी.
बीकेटीसी अध्यक्ष का कहना है कि शिकायत सामने आने के 24 घंटे के भीतर नोटिस जारी करने से लेकर जांच कमेटी बनाने तक सभी जरूरी कदम उठा लिए गए हैं. उन्होंने दोहराया कि मंदिर समिति की पहली प्राथमिकता श्रद्धालुओं का भरोसा बनाए रखना है और जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी.
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