Ranchi : झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार दस्तक दे दी है। राज्य के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां शुरू हो गई हैं और आने वाले दो से तीन दिनों में इसका प्रभाव पूरे झारखंड में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के नौ जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं रांची समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
रांची के हिनू स्थित मौसम विज्ञान केंद्र में आयोजित प्रेस वार्ता में मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि झारखंड के पूर्वी हिस्से, खासकर संथाल परगना और कोल्हान क्षेत्र में मानसून सक्रिय हो चुका है। गोड्डा, देवघर, पूर्वी सिंहभूम और गिरिडीह के कुछ हिस्सों में मानसूनी बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून राज्य के अन्य जिलों तक भी पहुंच जाएगा।
पश्चिम बंगाल के सिस्टम का दिख रहा असर
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम बंगाल के ऊपर बने गहरे निम्न दबाव क्षेत्र की वजह से झारखंड में मानसूनी गतिविधियां तेज हुई हैं। इसका सबसे ज्यादा असर कोल्हान और संथाल परगना क्षेत्र में देखने को मिलेगा। इन इलाकों में कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
रांची समेत कई जिलों में बारिश के आसार
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहेंगे। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवा चलने और वज्रपात की भी संभावना बनी हुई है।
इस बार देर से पहुंचा मानसून
अभिषेक आनंद ने बताया कि सामान्य तौर पर मानसून 1 जून को केरल पहुंचता है, लेकिन इस वर्ष यह 4 जून को केरल पहुंचा। झारखंड में मानसून के प्रवेश की सामान्य तिथि 12 जून मानी जाती है, जबकि रांची और आसपास के क्षेत्रों में यह आमतौर पर 15 जून तक सक्रिय हो जाता है। इस वर्ष भी मानसून लगभग इसी समय-सारणी के अनुसार आगे बढ़ रहा है।
जून में सामान्य से कम बारिश की संभावना
मौसम विभाग का अनुमान है कि जून महीने में झारखंड में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। अल नीनो के प्रभाव के कारण पूरे देश में मानसून अपेक्षाकृत कमजोर रहने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि जुलाई और अगस्त के दौरान होने वाली बारिश ही मानसून की वास्तविक स्थिति तय करेगी। झारखंड में सबसे अधिक वर्षा इन्हीं दो महीनों में दर्ज की जाती है।
किसानों के लिए राहत की खबर
मानसून की शुरुआत किसानों के लिए राहत लेकर आई है। मौसम विभाग ने किसानों को धान की नर्सरी तैयार करने और बिचड़ा लगाने की सलाह दी है। निचले खेतों में धान की खेती शुरू करने का यह उपयुक्त समय बताया गया है। वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों के किसानों को वैकल्पिक फसलों की खेती पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
वज्रपात और तेज हवा से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवा के दौरान खुले मैदान, बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में झारखंड के अधिकांश हिस्सों में मानसून का असर और अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
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