Garhwa : गढ़वा के मेराल प्रखंड के पचफेड़ी स्थित “विशाल ऑनलाइन सेंटर” में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के खेल का खुलासा हुआ है। एसडीएम संजय कुमार ने रविवार को औचक छापेमारी कर केंद्र को सील करा दिया। कार्रवाई के दौरान कई संदिग्ध दस्तावेज, मोबाइल चैट, बैंक डिटेल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए गए हैं। एसडीएम ने बताया कि “कॉफी विद एसडीएम” कार्यक्रम में लगातार शिकायत मिल रही थी कि कुछ फर्जी सीएससी और प्रज्ञा केंद्रों के माध्यम से अवैध तरीके से सरकारी दस्तावेज बनाए जा रहे हैं। शिकायतों की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई।
तीन सदस्यीय जांच टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर ही तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम में मेराल अंचल अधिकारी यशवंत नायक, सीएससी मैनेजर मनीष कुमार और थाना प्रभारी विष्णुकांत को शामिल किया गया। टीम ने सेंटर में घंटों जांच कर कई अहम साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आवेदकों से केवल नाम और जन्मतिथि लेकर व्हाट्सऐप के जरिए जानकारी ली जाती थी। इसके बाद फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर भेज दिया जाता था। मोबाइल से मिले स्क्रीनशॉट के अनुसार एक प्रमाण पत्र बनाने के बदले 1000 से 1400 रुपये तक वसूले जा रहे थे। जांच टीम ने सेंटर से एक लैपटॉप, मोबाइल फोन, संदिग्ध चैट रिकॉर्ड, बैंक खातों की जानकारी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। अब इनकी तकनीकी जांच कराई जा रही है।
मेराल और पलामू कनेक्शन आया सामने
जांच में गोंदा (मेराल) के एक युवक का नाम सामने आया है, जो अलग-अलग क्षेत्रों से लोगों के प्रमाण पत्र बनवाने का काम करता था। इसके अलावा पलामू जिले के पंजरी गांव के एक व्यक्ति की संलिप्तता भी उजागर हुई है। बताया जा रहा है कि डालटनगंज सदर अस्पताल के माध्यम से बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने में उसकी अहम भूमिका थी। जांच के दौरान यह भी पता चला कि सेंटर पर सीएससी (CSC) का मोनोग्राम लगाया गया था, जबकि रिकॉर्ड में यह अधिकृत केंद्र नहीं था। प्रशासन अब उन लोगों से भी पूछताछ करेगा जिन्होंने यहां से प्रमाण पत्र बनवाए थे।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
एसडीएम संजय कुमार ने लोगों से अपील की है कि जन्म, जाति, आय और निवास जैसे जरूरी सरकारी दस्तावेज केवल अधिकृत केंद्रों और तय सरकारी प्रक्रिया के तहत ही बनवाएं। किसी बिचौलिये या फर्जी केंद्र के झांसे में न आएं। प्रशासन ने पूरे मामले की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Also Read : रामगढ़ के दामोदर नदी में बड़ा हादसा : नहाने गए तीन बच्चे डूबे, दो लापता


