Ranchi : मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत पर जेल से बाहर आए झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। करीब दो साल बाद होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से बाहर निकले आलमगीर आलम के स्वागत में समर्थकों द्वारा जश्न मनाए जाने पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जमानत को निर्दोष साबित होने के रूप में पेश करना गलत है, क्योंकि मामला अभी अदालत में विचाराधीन है।
जमानत के बाद शुरू हुई सियासी बयानबाजी
पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद गुरुवार को जेल से रिहा किया गया। जेल के बाहर उनके समर्थकों ने स्वागत किया, मिठाइयां बांटीं और जश्न मनाया। इसी पर बीजेपी नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया के जरिए कांग्रेस और आलमगीर आलम के समर्थकों पर निशाना साधा। मरांडी ने कहा कि आलमगीर आलम को जो राहत मिली है, वह उम्र और स्वास्थ्य के आधार पर कड़ी शर्तों के साथ दी गई अंतरिम जमानत है। इसे अंतिम कानूनी जीत या बाइज्जत बरी होना नहीं माना जाना चाहिए।
कांग्रेस के जश्न पर बाबूलाल ने जताई नाराजगी
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि कुछ लोग इस तरह जश्न मना रहे हैं, जैसे कोई बड़ी राजनीतिक या ऐतिहासिक जीत हासिल हुई हो। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भ्रष्टाचार और कथित कमीशनखोरी के गंभीर आरोपों के बीच जमानत मिलना जश्न का विषय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की कथित काली कमाई और जनता के पैसे से जुड़े आरोपों के बीच इस तरह का उत्सव कई सवाल खड़े करता है। उनका कहना था कि जनता यह सब देख रही है और जवाब चाहती है।
मनी लॉन्ड्रिंग और टेंडर कमीशन घोटाले मामले में जेल में बंद झारखंड के पूर्व मंत्री Alamgir Alam को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद आज बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार से जमानत पर बाहर आने का मौका मिला। लेकिन इसे “बाइज्जत बरी” होना समझने की भूल कोई न करे। यह केवल उम्र और बीमारी… pic.twitter.com/B1yQ8riYuS
— Babulal Marandi (@yourBabulal) May 14, 2026
32 करोड़ की बरामदगी का भी किया जिक्र
नेता प्रतिपक्ष ने उस चर्चित बरामदगी का भी जिक्र किया, जिसमें जांच एजेंसियों ने आलमगीर आलम के निजी सचिव से जुड़े ठिकाने से करीब 32.20 करोड़ रुपये नकद बरामद किए थे। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जिस मामले में नोट गिनने के लिए मशीनें मंगानी पड़ी हों, उस मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि पूरे देश ने टीवी पर नकदी बरामदगी की तस्वीरें देखी थीं। ऐसे में जनता के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि इतनी बड़ी रकम आखिर कहां से आई।
‘जमानत मिलना निर्दोष होने का प्रमाण नहीं’
बाबूलाल मरांडी ने साफ कहा कि जमानत मिलना किसी व्यक्ति के निर्दोष होने का प्रमाण नहीं होता। उन्होंने कहा कि अदालत में मुकदमा अभी जारी है और कानून की प्रक्रिया पूरी होने में समय लगेगा। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक प्रभाव, संसाधन और संपर्क से कुछ समय के लिए राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया अपना काम करती है।
लालू यादव का उदाहरण देकर साधा निशाना
अपने बयान में बाबूलाल मरांडी ने राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में कानूनी कार्रवाई देर से जरूर होती है, लेकिन होती जरूर है। सत्ता और समय बदल सकते हैं, लेकिन मामलों की कानूनी प्रक्रिया चलती रहती है। आलमगीर आलम की रिहाई के बाद झारखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।
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