Simdega : सिमडेगा जिले के जलडेगा थाना क्षेत्र में सड़क निर्माण कंपनी के कैंप पर आगजनी की कोशिश के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। यह घटना 25 और 26 जनवरी 2026 की दरम्यानी रात की है, जब कुछ उग्रवादियों ने कारीमाटी पांगुर स्थित कैंप में खड़े वाहनों को आग के हवाले करने की योजना बनाई थी। उनका मकसद इलाके में दहशत फैलाना और कंपनी से लेवी वसूलना था।
कंपनी SRMV DP (JV) का कैंप था निशाने पर
जानकारी के मुताबिक, लचड़ागढ़ से ओड़गा तक सड़क निर्माण का काम कर रही कंपनी SRMV DP (JV) का अस्थायी कैंप यहां बना हुआ है। इसी कैंप को निशाना बनाकर उग्रवादियों ने वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। हालांकि समय रहते मामला सामने आ गया और बड़ी घटना टल गई।
पुलिस ने तुरंत दर्ज किया केस, शुरू हुई जांच
इस मामले में जलडेगा थाना में कांड संख्या 05/26 दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे के निर्देश पर मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम बनाई गई। टीम ने तकनीकी और मानवीय दोनों स्तर पर जांच शुरू की।
छापेमारी कर 9 उग्रवादी दबोचे गए
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर पीएलएफआई से जुड़े 9 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में जस्टिन तोपनो उर्फ जेम्स तोपनो, हेरमन तोपनो, करन लोहरा, करण लोहरा, सिद्धांत कुमार चीक बड़ाईक, दिनेश बरवा, मंगल तोपनो, आशीष मिंज और अमित कुमार शामिल हैं।
मोबाइल फोन भी हुए बरामद
गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से 10 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस इन फोन के जरिए नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है।
लेवी वसूली के मकसद से की गई थी कोशिश
पुलिस की शुरुआती जांच में साफ हुआ है कि इस पूरी साजिश के पीछे लेवी वसूली का मकसद था। उग्रवादी कंपनी को डराकर पैसे ऐंठना चाहते थे, लेकिन पुलिस की सक्रियता से उनकी योजना नाकाम हो गई।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद इलाके में सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है। पुलिस लगातार निगरानी रख रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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