Patna : NIA ने साल 2022 के बिहार मामले में दो और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया है। यह मामला प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की शांति और धार्मिक सद्भाव भंग करने की साजिश से जुड़ा है। एनआईए ने बुधवार को पटना की विशेष अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। अब तक इस मामले में गिरफ्तार और चार्जशीट किए गए कुल आरोपियों की संख्या 20 हो गई है।
महबूब आलम और शमिम अख्तर पर आरोप
NIA की जांच में सामने आया कि महबूब आलम उर्फ महबूब आलम नादवी (PFI, बिहार अध्यक्ष) और शमिम अख्तर (PFI, बिहार उपाध्यक्ष) इस साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे। इन्हें कल विभिन्न आईपीसी धाराओं और यूए (पी) अधिनियम के तहत चार्जशीट किया गया।
साजिश का मकसद- आतंक और धार्मिक वैमनस्य फैलाना
NIA के अनुसार आरोपियों का मकसद PFI के विज़न डॉक्यूमेंट “India 2047 Towards Rule of Islam in India” के अनुसार भारत में इस्लामी शासन स्थापित करने के लिए आतंक फैलाना और धार्मिक वैमनस्य फैलाना था।
भर्ती और प्रशिक्षण में सक्रिय
जांच में यह भी सामने आया कि महबूब और शमिम PFI के कैडरों की भर्ती और प्रशिक्षण में शामिल थे। अहमद पैलेस, फुलवारीशरीफ, पटना में आयोजित PFI के मीटिंग और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में इनका सक्रिय योगदान था। मामले के समय पुलिस ने अहमद पैलेस से PFI का विज़न डॉक्यूमेंट जब्त किया था। एनआईए ने बताया कि मामले (RC-31/2022/NIA/DLI) की जांच अभी जारी है और आगे और आरोपियों की पहचान होने की संभावना है।
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