Bokaro : बोकारो के चर्चित तेतुलिया मौजा वन भूमि घोटाले में आरोपी राजवीर कंस्ट्रक्शन के विमल अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट भी उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर चुका था। अब विमल अग्रवाल के पास एक ही रास्ता बचा है- ट्रायल कोर्ट में सरेंडर कर नियमित जमानत के लिए आवेदन करना।
क्या है पूरा मामला?
तेतुलिया मौजा की वन भूमि को कथित तौर पर अवैध तरीके से खरीद-बिक्री करने का आरोप है। इस मामले में सीआईडी पहले ही कार्रवाई कर चुकी है। इजहार हुसैन, अख्तर हुसैन और राजवीर कंस्ट्रक्शन के निदेशक पुनीत अग्रवाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं शैलेस सिंह और विमल अग्रवाल के खिलाफ सीआईडी ने वारंट जारी किया था। हालांकि हाईकोर्ट द्वारा पीड़क कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगने के कारण अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी।
गिरफ्तारी की संभावना बढ़ी
अब जब सुप्रीम कोर्ट ने भी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, तो सीआईडी की कार्रवाई तेज होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है।
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