Jamtara (Rajiv Jha) : शहर के मुख्य बाजार स्थित कायस्थपाड़ा मोड पर चुनाव आचार संहिता के अनुपालन के दौरान FST (फ़्लैग स्टाफ टीम) और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हंगामा देखने को मिला। टीम ने दुकानों पर लगे झंडे और बैनर के लिए सहमति पत्र दिखाने को कहा, जिस पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया।
मौके पर उपस्थित दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारी आर.के. गुप्ता तथा भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच गंभीर गहमागहमी का माहौल बन गया। वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र मंडल और जिला अध्यक्ष सुमित शरण ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि दुकानदारों ने अपनी सहमति से झंडा लगाया था और प्रशासन के पास इस संबंध में कोई शिकायत भी नहीं थी। इसके बावजूद भाजपा प्रत्याशी को निशाना बनाकर कार्रवाई की जा रही है। जिलाध्यक्ष सुमित शरण ने कहा, “आदर्श आचार संहिता के तहत जो भी कार्रवाई हो, वह न्याय संगत होनी चाहिए। किसी विशेष प्रत्याशी को लक्ष्य बनाकर गलत कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।”
वीरेंद्र मंडल ने आरोप लगाया कि प्रशासन दबाव में काम कर रहा है और भाजपा प्रत्याशी को हराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार शुरू से ही नगर निकाय चुनाव कराने के पक्ष में नहीं थी और अदालत के आदेश के बाद ही यह प्रक्रिया शुरू हुई है। मंडल ने कहा कि नाजायज दबाव बनाकर अपने समर्थित प्रत्याशी को जितवाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि झंडा और बैनर लगाने का सहमति पत्र दुकानदारों से सीधे मांगा जाना चाहिए था, ना कि दुकानदारों को परेशान किया जाए।
इधर, FST टीम के दंडाधिकारी ने कहा, “हम किसी का झंडा या बैनर हटवाने नहीं आए थे। हमने सिर्फ दुकानदारों से सहमति पत्र मांगा था। यह कोई अनुचित कार्रवाई नहीं है। हमें आचार संहिता अनुपालन के लिए निर्देश प्राप्त हुए हैं और हम उसी के अनुसार कार्य कर रहे हैं।”
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