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    Home»देश»इन स्लीपर ट्रेनों में RAC टिकट व्यवस्था बंद, किराया में भी बदलाव
    देश

    इन स्लीपर ट्रेनों में RAC टिकट व्यवस्था बंद, किराया में भी बदलाव

    Team JoharBy Team JoharJanuary 18, 2026Updated:January 18, 2026No Comments2 Mins Read6
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    RAC
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    New Delhi : भारतीय रेलवे ने यात्रियों के सफर को और आरामदायक बनाने के लिए टिकटिंग और कोच नियमों में अहम बदलाव किए हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि अब कुछ चुनिंदा ट्रेनों में आरएसी (RAC) टिकट की सुविधा पूरी तरह खत्म कर दी गई है। इससे यात्रियों को आधी सीट पर सफर करने की मजबूरी से निजात मिलेगी।

    किन ट्रेनों में RAC खत्म

    रेलवे बोर्ड ने बताया कि वंदे भारत (स्लीपर) ट्रेन और अमृत भारत II एक्सप्रेस में अब RAC टिकट की व्यवस्था नहीं रहेगी। अब इन ट्रेनों में केवल कन्फर्म टिकट जारी किए जाएंगे।

    वंदे भारत स्लीपर की नई नियमावली

    रेलवे बोर्ड ने 9 जनवरी को जारी सर्कुलर में कहा,
    “वंदे भारत स्लीपर के लिए न्यूनतम चार्ज होने वाली दूरी 400 किमी होगी। इस ट्रेन के लिए सिर्फ कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। RAC, वेटलिस्टेड या आंशिक रूप से कन्फर्म टिकट का कोई प्रावधान नहीं होगा। सभी बर्थ उपलब्ध एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) के अनुसार मिलेंगी।”

    स्लीपर कोच का किराया अपडेट

    नई ट्रेनों में स्लीपर क्लास के लिए न्यूनतम 200 किमी का किराया निर्धारित किया गया है, जो 149 रुपये है, जबकि सेकंड क्लास के लिए न्यूनतम दूरी 50 किमी तय की गई है, यानी 36 रुपये। रिजर्वेशन चार्ज और सुपरफास्ट चार्ज अलग से लागू होंगे। इसके अलावा, अगर कोई यात्री सिर्फ 100 किमी की यात्रा करता है, तब भी स्लीपर क्लास में 200 किमी का न्यूनतम किराया देना होगा।

    स्लीपर कोच की नई कोटा नीति

    रेलवे ने स्लीपर कोच में अब सिर्फ तीन कैटेगरी के कोटे लागू किए हैं – महिलाएं, दिव्यांग व्यक्ति और सीनियर सिटिजन। बर्थ अलॉटमेंट उपलब्धता के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा, रेलवे ने सीनियर सिटिजन और बच्चों के साथ यात्रा करने वालों के लिए लोअर बर्थ देने की व्यवस्था भी शुरू की है। सिस्टम यह सुनिश्चित करेगा कि 60 साल या उससे अधिक उम्र के पुरुष और 45 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं लोअर बर्थ प्राप्त कर सकें, ताकि वरिष्ठ नागरिक और परिवार यात्रियों को अधिक सुविधा मिल सके।

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