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    Home»fact»नाभि पर तेल लगाना आयुर्वेदिक परंपरा, जानिए फायदे और सावधानियां
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    नाभि पर तेल लगाना आयुर्वेदिक परंपरा, जानिए फायदे और सावधानियां

    Team JoharBy Team JoharJanuary 10, 2026Updated:January 10, 2026No Comments3 Mins Read
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    लगाना
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    Johar Live Desk : नाभि पर तेल लगाना एक पुरानी आयुर्वेदिक परंपरा है, जिसे नाभि पुराण कहा जाता है। माना जाता है कि इससे पाचन बेहतर होता है, त्वचा में नमी और चमक आती है, होंठ फटने की समस्या कम होती है और तनाव में राहत मिलती है। आयुर्वेद के अनुसार नाभि शरीर का केंद्र होती है, जो कई नसों से जुड़ी होती है। नाभि की त्वचा पतली होने के कारण यह तेल को आसानी से सोख लेती है।

    डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह

    हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि नाभि पर तेल लगाना कोई मेडिकल इलाज नहीं है। यह एक पारंपरिक सेल्फ-केयर तरीका है, जो त्वचा को आराम देने और हल्की समस्याओं में मदद कर सकता है, लेकिन किसी गंभीर बीमारी का इलाज नहीं करता। IREMIA की फाउंडर और डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. प्रीति चड्ढा के अनुसार, रात को सोने से पहले नाभि पर बादाम, नारियल या सरसों जैसे तेल लगाने से स्किन और शरीर को सुकून मिल सकता है। यह तरीका त्वचा को नमी देने और रिलैक्सेशन में सहायक हो सकता है।

    नाभि पर लगाने वाले तेल और उनके फायदे

    • सरसों का तेल : सरसों का तेल गर्मी देता है और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है। कुछ लोग इसे पेट की अकड़न में इस्तेमाल करते हैं, लेकिन सेंसिटिव स्किन वालों को इससे जलन हो सकती है। इसलिए पैच टेस्ट जरूरी है और इसे रोजाना न लगाएं।
    • तिल का तेल : तिल का तेल गर्म तासीर वाला होता है। इसे लगाने से पेट के हिस्से में आराम मिल सकता है, खासकर सर्दियों में। लगाने से पहले हल्का गर्म करने से इसका असर बेहतर हो सकता है।
    • अरंडी का तेल : अरंडी का तेल गाढ़ा होता है और धीरे-धीरे त्वचा में समाता है। यह पेट के आसपास की सूखी त्वचा को नरम रखने में मदद करता है। इसका मुख्य फायदा नमी बनाए रखना है। बेहतर परिणाम के लिए कोल्ड-प्रेस्ड अरंडी तेल का इस्तेमाल करें।
    • बादाम का तेल : मीठा बादाम तेल हल्का और विटामिन ई से भरपूर होता है। यह सेंसिटिव स्किन के लिए अच्छा माना जाता है। इसके नियमित इस्तेमाल से त्वचा मुलायम रहती है और स्ट्रेच मार्क्स की बनावट में सुधार आ सकता है।
    • नारियल का तेल : वर्जिन नारियल तेल ज्यादातर स्किन टाइप के लिए उपयुक्त होता है। यह ड्राइनेस और हल्की जलन को कम कर सकता है। हल्का होने के कारण इसे रोजाना इस्तेमाल किया जा सकता है, खासकर गर्मियों में।

    नाभि पर तेल लगाने से पहले रखें ये सावधानियां

    तेल लगाने से पहले नाभि और आसपास की त्वचा को साफ रखें। सिर्फ कुछ बूंदों का ही इस्तेमाल करें। ज्यादा तेल लगाने से फायदा नहीं बढ़ता। अगर जलन, खुजली या रैश हो तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर दें।

    Disclaimer : लेख में दी गई जानकारी सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय सलाह के रूप में न लें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या इलाज के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।

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    Applying oil to the navel: An Ayurvedic tradition नाभि पर तेल लगाना : आयुर्वेदिक परंपरा
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