Johar Live Desk: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को घोषणा की कि भारत जल्द ही एक शक्तिशाली स्वदेशी जेट इंजन विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही इसका परिणाम जनता के सामने आएगा। सिंह ने आत्मनिर्भरता और भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि आज के समय में आतंकवाद, क्षेत्रीय तनाव और व्यापार युद्ध जैसी चुनौतियों के बीच भारत की सेना विदेशी आपूर्ति पर निर्भर नहीं रह सकती। राजनाथ सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भरता हमारी रणनीतिक स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए जरूरी है। भारत न तो किसी से दुश्मनी चाहता है और न ही अपने हितों से समझौता करेगा। हमारा पहला लक्ष्य अपने नागरिकों, किसानों और छोटे व्यवसायों का कल्याण है। उन्होंने यह भी कहा कि कई विकसित देश संरक्षणवादी नीतियां अपना रहे हैं, जिससे व्यापार और टैरिफ युद्ध की स्थिति गंभीर हो रही है। सिंह ने जोर देकर कहा कि दुनिया जितना दबाव डालेगी, भारत उतना ही मजबूत होकर उभरेगा।
सिंह ने नई एयर डिफेंस प्रणाली ‘सुदर्शन चक्र’ का उल्लेख किया, जो अगले दस वर्षों में देश की सभी महत्वपूर्ण इमारतों और स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। यह प्रणाली रक्षात्मक और आक्रामक दोनों तरह की क्षमताओं से लैस होगी। उन्होंने बताया कि DRDO ने हाल ही में 23 अगस्त को एक स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम का सफल परीक्षण किया, जो एक साथ तीन लक्ष्यों को भेद सकता है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि यह भारत की बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का प्रतीक है। इस ऑपरेशन में भारत की सफलता और पाकिस्तान की हार केवल कुछ दिनों की कहानी नहीं है, बल्कि इसके पीछे वर्षों की रणनीतिक तैयारी और स्वदेशी उपकरणों पर भरोसा है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि अब डिफेंस सेक्टर केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने वाला क्षेत्र बन गया है। भारत अब रक्षा उपकरणों का आयातक नहीं बल्कि निर्यातक बन गया है। 2014 में भारत का रक्षा निर्यात 700 करोड़ रुपये से कम था, जबकि 2025 में यह बढ़कर लगभग 24,000 करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने कहा कि इस सफलता में सरकारी कंपनियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र, स्टार्टअप्स और उद्यमियों का भी बड़ा योगदान है। सिंह ने बताया कि देश में रक्षा उत्पादन 1.5 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है, जिसमें लगभग 25 प्रतिशत योगदान निजी क्षेत्र का है। उन्होंने कहा कि डिफेंस सेक्टर अब सिर्फ खर्च का क्षेत्र नहीं, बल्कि रोजगार, नवाचार और औद्योगिक विकास का इंजन बन चुका है। बदलते वैश्विक हालात में रक्षा क्षेत्र में बाहरी निर्भरता अब कोई विकल्प नहीं है। जब एक युवा, ऊर्जावान और तकनीकी रूप से सक्षम देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता है, तो पूरी दुनिया उसका सम्मान करती है।