Johar Live Desk : बर्ड फ्लू, जिसे एवियन इन्फ्लूएंजा भी कहते हैं, एक खतरनाक वायरल बीमारी है जो मुख्य रूप से पक्षियों में फैलती है और कभी-कभी इंसानों को भी प्रभावित करती है। इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं, जैसे बुखार, खांसी, जुकाम और गले में खराश, जिसके कारण इसे शुरुआत में पहचानना मुश्किल होता है। अगर समय पर इलाज न हो, तो यह सांस लेने में तकलीफ और निमोनिया जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।
अच्छी खबर यह है कि अब बर्ड फ्लू की पहचान जल्दी और आसानी से हो सकेगी। अमेरिका के मिनेसोटा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक नया जेनेटिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल विकसित किया है, जो इस बीमारी को तेजी से पकड़ सकता है। यह टूल बर्ड फ्लू के लक्षणों को पहचानने में सक्षम है और इसे अन्य जानवरों में फैलने से रोकने में भी मदद कर सकता है।
14 मरीजों में हुई बर्ड फ्लू की पुष्टि
शोधकर्ताओं ने जनवरी 2024 में शहरी, उपनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के 13,494 मरीजों का डेटा जांचा। इन मरीजों में खांसी, बुखार, जुकाम या आंखों में जलन जैसे लक्षण थे, जो बर्ड फ्लू से मिलते-जुलते हैं। इस AI टूल ने 76 संभावित मामलों को चिह्नित किया। गहन जांच के बाद 14 मरीजों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई, जो हाल ही में जंगली पक्षियों या पशुपालन से जुड़े थे।
सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए मददगार
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह AI टूल सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करेगा और बर्ड फ्लू जैसे खतरनाक वायरस के प्रसार को रोकने में मदद करेगा। यह शोध ‘क्लिनिकल इन्फेक्शियस डिजीज’ जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
कितना खतरनाक है बर्ड फ्लू?
बर्ड फ्लू मुख्य रूप से जलीय पक्षियों में फैलता है, लेकिन यह इंसानों में भी हो सकता है, खासकर तब जब कोई संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आए। इसके लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द और गंभीर मामलों में निमोनिया शामिल हैं। वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि बर्ड फ्लू से बचने के लिए शुरुआती लक्षणों पर नजर रखें और सतर्क रहें।
Also Read : गणपति के लड्डू की लगी 70 हजार की बोली, विजय लक्ष्मी का परिवार बना विजेता