Ranchi : सुखदेवनगर थाना अंतर्गत न्यू मधुकम में दूल्हा रितेश पांडेय की बारात निकलने से पूर्व घर से अर्थी निकली। पूरे घर में खुशी का माहौल अचानक मातम में बदल गया। इस खौफनाक कारनामे के पीछे सुखदेवनगर थाना इंस्पेक्टर कार्यालय में पदस्थापित मुंशी परसुराम का हाँथ होने की बात सामने आयी है। परिजनों में आक्रोश का माहौल है। घटना के कई घंटों तक आक्रोशित परिजनों ने पुलिस को घर से बॉडी उठाने नहीं दिया। हालांकि, काफी समझने के बाद बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा गया है। वह
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन से तफ्तीश में जुटी है।
थानेदार समेत अन्य पदाधिकारी के नाम पर 10 लाख वसूली का आरोप
रितेश पांडेय (मृतक) युवक की बारात शनिवार रांची से लातेहार जाने वाली थी। बारात निकलने से पूर्व मुंशी परशुराम ने पैसों की डिमांड की। दूल्हा रितेश पांडेय(मृतक) ने पैसा देने से इंकार कर गया। इसके बाद सुखदेवनगर थाना के मुंशी ने एक केस में गिरफ्तारी को लेकर दबाव बनाया। जिसके बाद दूल्हा रितेश पांडेय(मृतक) ने घर के एक कमरे में खुद को बंद कर फांसी लगा लिया। इसके बाद परिजनों ने देखा तो मामले की जानकारी पुलिस को मिली। इससे पूर्व सूत्रों का कहना है कि मुंशी परशुराम ने मृतक दूल्हा रितेश पांडेय से 10 लाख की वसूली की। यह रकम थानेदार समेत विभाग के अन्य पदाधिकारी के नाम पर वसूला था। इसका गवाह मृतक दूल्हा के पिता भी है। सुखदेवनगर थाना के बाहर गुमटी में पैसा का लेनदेन हुआ है।
पैसा लेने के बाद भी सुखदेवनगर थाना में दर्ज हुआ एफआईआर
पुलिस सूत्रों की मानें तो फांसी की घटना के बाद एक-एक मामले का खुलासा होने लगा। सबसे पहले मुंशी परशुराम ने केस मैनेज करने के नाम पर पैसा लिया था। इसके बाद मौका का फायदा देखकर मुंशी परशुराम ने थाना प्रभारी समेत विभाग के अन्य पदाधिकारी को मैनेज करने के नाम पर पैसा लेना शुरू कर दिया। 10 लाख लेने के बाद भी मुंशी ने स्पष्ट कहा कि मामला सिर्फ 10 दिन तक मैनेज होगा। इस दौरान मोबाइल बन्द कर शादी कर लो। पूरा प्रकरण स्पष्ट होने के बाद भी 27 नवंबर या फिर 28 दिसंबर की तारीख में मृतक दूल्हा रितेश पांडेय को आरोपी बनाते हुए एफआईआर दर्ज कर लिया गया।
क्या है मामला
पुलिस के अनुसार मृतक रितेश पांडेय ने बिहार की एक युवती से प्यार किया। दोनों का प्रेम संबंध लंबे समय तक चला। इसके बाद रितेश की नौकरी रेलवे में लगी, वही लड़की की नौकरी शिक्षक में हुई। इस दौरान भी दोनों संबंध में रहे। फिर कुछ दिनों के बाद लड़के रितेश की शादी दूसरे जगह होने लगी तो बिहार की युवती से रितेश दूर होते चला गया। जिसके बाद यह मामला थाना तक पहुंच गया। इस दौरान युवती ने युवक रितेश को आरोपी बनाए हुए सुखदेवनगर थाना में लिखित शिकायत की और न्याय दिलाने की मांग की। फिर सुखदेवनगर थाना की पुलिस ने प्रताड़ित करने शुरू कर दिया और जिसका परिणाम है कि शनिवार को युवक रितेश पांडेय ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली।
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