Giridih : गिरिडीह जिले के उपायुक्त राम निवास यादव अवैध उत्खनन को लेकर जिले में टास्क फोर्स का गठन कर लगातार कार्रवाई कर रहे है। कई इलाकों में अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में दहशत का माहौल है। इसके बावजूद राजधनवार थाना क्षेत्र में पत्थर का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। पत्थर माफिया इनदिनों अवैध कारोबार से पूरजोर माल बटौर रहे है और प्रशासन मूकदर्शक बना है। पत्थर कारोबारी जिस जगह पर इस्तेमाल अवैध उत्खन्न में कर रहे है, उसमें कई लाख का चालान काटा हुआ है। इसके बावजूद कानून को ताख पर रख काम धड़ल्ले से हो रहा है।
6 लाख का चालान जमा हुआ था कोडरमा डीजीएमएस में
अवैध उत्खनन के मामले में खदान पर चलान लगा हुआ था। लगभग 6 लाख रुपये का चालान DGMS कोडरमा में जमा किया गया था, फिर भी बिना किसी वैध दस्तावेज के खनन और परिवहन का काम जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि खोरिमहुआ अनुमंडल पदाधिकारी, गिरिडीह जिला खनन पदाधिकारी, और DGMS कोडरमा तक को इस मामले में लिखित शिकायत की गई है, लेकिन अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है।
एक करोड़ चौदह लाख रुपये से अधिक की टैक्स चोरी
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पत्थर खदान CA (कंसेशन एरिया) और पॉल्यूशन से संबंधित मान्यताएं नहीं रखता है। विस्फोटक (ब्लास्टिंग) पर भी रोक लगा दी गई थी। खदान के आसपास 50 मीटर के दायरे में ग्रामीणों के घर स्थित हैं। जिला खनन कार्यालय के मासिक विवरणी और स्टॉक पंजी के अनुसार, इस खदान में 6 लाख से अधिक घनफुट बोल्डर का स्टॉक है, जो लगभग एक करोड़ चौदह लाख रुपये से अधिक की टैक्स चोरी को दर्शाता है।
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