Jamshedpur : झारखंड शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार समिति ने राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया है। शनिवार दोपहर जुबली पार्क में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में समिति के अध्यक्ष नीरज साहू ने दावा किया कि झारखंड की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
उन्होंने कहा कि कई सरकारी स्कूलों की स्थिति इतनी खराब है कि सैकड़ों छात्रों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सिर्फ एक शिक्षक पर है। इससे स्पष्ट होता है कि शिक्षा व्यवस्था किस हद तक कमजोर हो चुकी है।
साहू ने याद दिलाया कि राज्य गठन के 25 साल में मात्र दो बार JTET परीक्षा आयोजित हुई है और पिछले नौ वर्षों से यह परीक्षा तक नहीं हो पाई। इसके कारण शिक्षक बहाली अधर में लटकी हुई है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद भी रोजगार से वंचित हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक की घटनाएं युवाओं के भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रही हैं।
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