रांची. जेपीएससी परीक्षा अनियमितता मामले में सीआईडी की जांच लगातार तेज होती जा रही है. गुरुवार को सीआईडी ने पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांगते समेत तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. एक टीम ख्यांगते के आवास पहुंची, जबकि अन्य टीमें जेपीएससी कार्यालय और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल के कार्यालय में जांच के लिए पहुंचीं.
सूत्रों के अनुसार, जांच का एक प्रमुख पहलू एल. ख्यांगते के विदेश दौरों और उन यात्राओं में परीक्षा एजेंसी द्वारा कथित रूप से किए गए खर्च की पड़ताल है.
सीआईडी यह जांच कर रही है कि विदेश यात्राओं की फंडिंग किसने की, उसका स्रोत क्या था और क्या इसका परीक्षा प्रक्रिया या एजेंसी को मिले कार्यों से कोई संबंध था.
छापेमारी के दौरान सीआईडी ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन समेत कई डिजिटल उपकरण और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं. इन डिजिटल एविडेंस की फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
गौरतलब है कि इसी मामले में जेपीएससी की परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता गुप्ता को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. उनके अलावा परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल से अभय कुमार, राजवीर सिंह और दो अन्य कर्मियों सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
सीआईडी शुक्रवार को इन पांचों आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए विशेष अदालत में आवेदन दाखिल करेगी. रिमांड के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, वित्तीय लेनदेन, डिजिटल साक्ष्यों और संभावित मिलीभगत के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जाएगी.
सीआईडी की ताजा कार्रवाई से संकेत मिल रहे हैं कि जांच अब परीक्षा प्रक्रिया से आगे बढ़कर कथित वित्तीय लेनदेन, विदेश दौरों की फंडिंग और एजेंसी-अधिकारियों के बीच संभावित संबंधों तक पहुंच गई है. ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
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