Ranchi: लोहरदगा जिले में जादू-टोने के शक में नौ साल के बच्चे समेत एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या के मामले पर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर प्रति-शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही सरकार से पिछले दो वर्षों में डायन प्रथा निवारण अधिनियम, 1999 के तहत दर्ज मामलों की पूरी जानकारी प्रस्तुत करने को कहा गया है।
अदालत ने कहा कि यह मामला सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और मानवाधिकार से जुड़ा गंभीर विषय है। कोर्ट ने 10 अक्टूबर 2025 को रांची के एक स्थानीय दैनिक में प्रकाशित खबर के आधार पर इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया था और राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा था।
सुनवाई के दौरान सरकार की अधिवक्ता को इस मामले पर सरकार से आवश्यक निर्देश लेने के लिए कहा गया। अदालत ने इस याचिका को वर्ष 2015 की जनहित याचिका संख्या 3684 और 2021 की जनहित याचिका संख्या 919 से संबंधित रिकॉर्ड के साथ सूचीबद्ध करने का निर्देश भी दिया है।
इस मामले की अगली सुनवाई 14 नवंबर 2025 को होगी।
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