बोकारो: बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापित अप्रेंटिस संघ का आंदोलन तेज हो गया है. अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के आठवें दिन, 17 अक्टूबर को आंदोलनकारियों ने प्लांट के सभी 13 गेट जाम करने का दावा किया. इससे पहले 15 अक्टूबर को गेट संख्या 9 और 10 को जाम किया गया था. आंदोलनकारियों की मांग है कि अप्रेंटिस प्रशिक्षण पूरा कर चुके विस्थापित युवाओं को नियमित नियोजन दिया जाए.
विस्थापित अप्रेंटिस संघ ने 10 अक्टूबर को बोकारो के टू टैंक गार्डेन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी. शुरुआती दिन आंदोलन में 106 विस्थापित शामिल हुए थे. इनमें महिलाएं भी थीं. संघ अध्यक्ष सुनील कुमार महतो ने कहा था कि बीएसएल प्रबंधन और जिला प्रशासन के साथ कई बार त्रिपक्षीय वार्ता हो चुकी है. बैठकों में चरणबद्ध तरीके से नियोजन की बात होने के बावजूद प्रक्रिया शुरू नहीं हुई.
आंदोलन के दौरान 14 अक्टूबर को विस्थापितों ने मशाल जुलूस निकाला. इसी दिन कई अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया.

3 अक्टूबर की वार्ता के बाद भी नहीं निकला समाधान
विस्थापित अप्रेंटिसों के नियोजन को लेकर 3 अक्टूबर को बोकारो समाहरणालय में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में त्रिपक्षीय वार्ता हुई थी. इसमें जिला प्रशासन, बीएसएल प्रबंधन और विस्थापित अप्रेंटिस संघ के प्रतिनिधि शामिल हुए थे. बैठक में प्रबंधन को नियोजन से संबंधित समस्या के समाधान के लिए निर्धारित समय-सीमा में नीति तैयार करने का निर्देश दिया गया था.
हालांकि, आंदोलनकारियों का आरोप है कि वार्ता के बाद भी नियोजन के मुद्दे पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसी वजह से उन्होंने भूख हड़ताल के साथ गेट जाम करने का फैसला लिया.
क्या है विस्थापित अप्रेंटिस की मांग
- 1500 विस्थापित अप्रेंटिसो की नियमित नियुक्ति की जाए.
- चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियोजन की पुरानी व्यवस्था बहाल हो.
- अप्रेंटिस प्रसिक्षण पूरा कर चुके विस्थापित युवाओं को संविधा के बजाए नियमित नौकरी देने पर निर्णय लिया जाए.
- विस्थापित परिवारों के पात्र सदस्यों के नियोजन के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए.
- दिवंगत प्रेम महतों के आश्रितों को नौकरी देने की मांग पूरी की जाए.
- पूर्व में हुई त्रिपक्षीय वार्ताओं में तय बिंदुओं पर कार्रवाई की जदाए और नियोजन के लिए स्पष्ट समय सीमा तय हो.
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