Hazaribagh : सीमा सुरक्षा बल (BSF) 1 दिसंबर को अपना 61वां स्थापना दिवस हजारीबाग के मेरू प्रशिक्षण केंद्र में मनाएगा। यह केंद्र आने वाले वर्षों में भी देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और हजारों जवानों को प्रशिक्षित करेगा। इसमें महिला और पुरुष जवानों के साथ-साथ कई मित्र राष्ट्रों के सैनिक भी प्रशिक्षण लेंगे और अपने देशों में सेवा करेंगे।
हजारीबाग में स्थित BSF प्रशिक्षण केंद्र, जिसकी स्थापना 18 नवंबर 1966 को हुई थी, आगामी वर्षों में भी देश की सेवा में योगदान देता रहेगा। अब तक इस केंद्र से 63,956 जवान प्रशिक्षित हो चुके हैं, और आने वाले वर्षों में भी यह संख्या बढ़ती रहेगी।
इस केंद्र में आने वाले प्रशिक्षुओं को कठोर प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें जंगल युद्ध तकनीक, कमांडो ट्रेनिंग, मोटर ऑपरेशन और विशेष प्रकार के विस्फोटकों का प्रशिक्षण मिलेगा। नए प्रशिक्षुओं को बुनियादी प्रशिक्षण के साथ-साथ एंटी टेररिस्ट, पुलिस कमांडो और विस्फोटक प्रयोग व बचाव का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। आधुनिक हथियारों जैसे ऑटोमेटिक ग्रेनेड लॉन्चर और मीडियम मशीनगन का प्रशिक्षण भी जारी रहेगा।
सीमा सुरक्षा बल का प्रशिक्षण केंद्र केवल भारतीय जवानों तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में भी मित्र राष्ट्रों के जवान यहां प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, जिससे अनुभव और ज्ञान साझा करने का अवसर मिलेगा।
सीमा सुरक्षा बल आने वाले समय में केवल सीमाओं की सुरक्षा ही नहीं करेगा, बल्कि नक्सल विरोधी अभियानों और देश की आंतरिक सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाएगा। BSF के 61वें स्थापना दिवस पर देश के सभी जवानों को उनके समर्पण और सेवा के लिए शुभकामनाएँ दी जाएँगी।


