केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने झारखंड के चाईबासा से 2024 का किया आगाज, कहा-फिर कमल खिलेगा

  • चाईबासा में विजय संकल्प महारैली में अमित शाह ने भरी हुंकार
  • कहा, राज्य की हेमंत सरकार आदिवासी विरोधी, भ्रष्टाचार चरम पर

चाईबासा /रांची । केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को चाईबासा की विजय संकल्प महारैली में 2024 के लोकसभा चुनाव का आगाज किया। उन्होंने कहा कि साल 2024 के चुनाव में फिर कमल खिलेगा। इसके साथ शाह ने झारखंड की हेमंत सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस राज्य में मुख्यमंत्री तो आदिवासी हैं लेकिन यह सरकार आदिवासी विरोधी है। इस सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है।

झारखंड के चाईबासा में टाटा कॉलेज मैदान में एक जनसभा को करेंगे संबोधित करते हुए शाह ने लोगों से पूछा कि सरकार बदलनी है या नहीं बदलनी है। उन्होंने राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए हेमंत सरकार को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही कहा कि घुसपैठिए आदिवासी बहनों को धोखा दे रहे हैं।

शाह ने कहा कि हेमंत सरकार ने रोजगार के नाम पर युवाओं को धोखा दिया। खतियान नीति के नाम पर आदिवासी समाज को धोखा दिया। शिक्षा के नाम पर नौनिहालों को धोखा दिया। चाईबासा क्षेत्र की बंदोबस्ती 1964 में हुई। उन्होंने कहा कि जनजाति के भाई-बहन कान खोलकर सुन लें। पूरी बंदोबस्ती 1964 में हुई, अब ये कहते हैं कि 1932 के खतियान के आधार पर ही नौकरी देंगे तो चाईबासा वालों को नौकरी मिलेगी?

उन्होंने कहा कि सिंहभूम से कमल भेज दीजिए, हम क्षेत्र का विकास करेंगे। हेमंत सोरेन पर हमला बोलते हुए कहा कि नौकरी की संख्या बढ़ा दो। अगर ऐसा करने का दम नहीं है, तो कुर्सी खाली कर दो। हम यह काम करेंगे। आदिवासी, गैर-आदिवासी, पिछड़ा आदिवासी, ये क्या लगा रखा है? झारखंड को बर्बाद करने पर क्यों तुले हो? झारखंड के लोगों ने ही आपको मुख्यमंत्री बनाया। मुख्यमंत्री बनने के बाद आपने पूरी की पूरी सरकार लुटेरों और दलालों के हाथ में दे दी।

शाह ने कहा कि रघुवर दास को पूर्ण बहुमत मिला। राज्य में शिक्षा, रोड, बिजली के सभी काम पूरे किए। अब ऐसी सरकार आयी है जिसने झारखंड को तबाह करके रख दिया है। उन्होंने सवाल किया कि अटल जी ने जिस कल्पना के साथ झारखंड को बिहार से अलग करके जो सपना देखा था क्या हेमंत सरकार उसे पूरा कर रही है ?

उन्होंने कहा कि हेमंत भाई कान खोल कर सुन लो, अब सब आपको जान गये हैं। आप वोट बैंक की राजनीति के लिए आदिवासी माता बहनों की रक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। झारखंड का ट्राइबल आपको माफ नहीं करेगा। शाह ने कहा कि चाईबासा पूरा क्षेत्र 1964 में बंदोबस्ती हुई है। अब यह कहते हैं 1932 के खतियान के आधार पर ही नौकरी देंगे तो चाईबासा वालों को नौकरी मिलेगी। क्यों विभाजन कर रहे हो, नौकरी की संख्या बढ़ा दो, दम नहीं है तो हमें दे दो।

अमित शाह ने जनसभा में इसका ब्योरा दिया कि कैसे राज्य में नक्सल खत्म हो रहे हैं। कैसे केंद्र आदिवासी योजनाओं के माध्यम से लोगों तक राहत पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

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