तुलसी खाने से कम होता है यूरिक एसिड, जानिए इसके अन्य फायदे

तुलसी के पत्तों को बेहद लाभकारी माना जाता है. तुलसी भारत के सभी घरों में आसानी से मिल जाने वाली जड़ी बूटी है. अक्सर चाय या काढ़ें के तौर पर तुलसी का सेवन किया जाता है, जो सर्दी जुकाम और बुखार जैसी सामान्य बीमारियों को ठीक करने में सहायक होती है. लेकिन, तुलसी के फायदे यहीं तक सीमित नहीं हैं, ये अन्य रोगों में भी काफी फायदेमंद होती है. यह हमारे शरीर के यूरिक एसिड को कम करने और समाप्त करने की क्षमता रखती है. यूरिक एसिड की वजह से हमारे जोड़ों में दर्द और शरीर में सूजन की समस्या होती है अगर समय रहते यूरिक एसिड की समस्या को हल नहीं किया जाए तो भविष्य में यह बड़ी समस्या बन सकती है. हालांकि, यदि नियमित रूप से तुलसी का सेवन किया जाए और अपने अन्य खान-पान पर ध्यान दिया जाए तो तुलसी यूरिक एसिड की समस्या का निदान कर सकती है. आइए जानते हैं तुलसी के फायदों के बारे में.

तुलसी के फायदे :

यूरिक एसिड को कम करने में सहायक :
फार्मेसी डॉट इन के अनुसार यूरिक एसिड को कम करने के लिए लोग तरह तरह की दवाओं का सहारा लेते हैं जिसके बाद भी कुछ खास लाभ नहीं मिलता है. लेकिन तुलसी आपके शरीर से यूरिक एसिड को कम करने में मदद करती है. तुलसी के पांच छह ताजे पत्तों को धोकर सीधा खा सकते हैं या तुलसी के पत्तों के साथ देसी घी और काली मिर्च का सेवन भी कर सकते हैं.

तुलसी के हेल्थ बेनिफिट्स :
–तुलसी इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में भी जानी जाती है. इसमें विटामिन सी और जिंक के अच्छी मात्रा पाई जाती है. इसके अलावा तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-फंगल गुण होते हैं जो हमें कई तरह के संक्रमणों से बचाते हैं.
– तुलसी बुखार और दर्द में राहत भी देती है. तुलसी के रस के साथ यदि काली मिर्च का सेवन किया जाए तो यह बुखार को नियंत्रित करती है. तुलसी को इलायची पाउडर के साथ दूध मिलाकर पिया जाए तो यह शरीर को थकान और दर्द से राहत देती है.
– तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो शरीर में किसी भी प्रकार की कैंसर की आशंकाओं को समाप्त करते हैं. तुलसी हमें त्वचा, यकृत, मुंह और फेफड़ों के कैंसर से बचाने में मदद करती है.

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